राज्य में राजनीतिक नहीं, सामाजिक महागठबंधन की जरूरत : सालखन

सिमडेगा: भाजपा और आरएसएस को पछाड़ने के लिए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा महागठबंधन बनाने की तैयारी चल रही है. किंतु राज्य में राजनीतिक गठबंधन की नहीं सामाजिक गठबंधन की जरूरत है. सभी पार्टियां राजनीतिक रोटी सेंकने के फिराक में है. किंतु इससे कामयाबी नहीं मिल सकती है. सभी पार्टियों को जनता की समस्या को लेकर […]

सिमडेगा: भाजपा और आरएसएस को पछाड़ने के लिए विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा महागठबंधन बनाने की तैयारी चल रही है. किंतु राज्य में राजनीतिक गठबंधन की नहीं सामाजिक गठबंधन की जरूरत है. सभी पार्टियां राजनीतिक रोटी सेंकने के फिराक में है. किंतु इससे कामयाबी नहीं मिल सकती है. सभी पार्टियों को जनता की समस्या को लेकर आगे आना होगा.

उक्त बातें आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर कही. सामटोली स्थित विकास केंद्र में आयोजित इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि भाजपा व आरएसएस की झारखंड सरकार आदिवासी विरोधी एवं जनतंत्र विरोधी कानून बना कर आदिवासी-मूलवासी के अस्तित्व को समाप्त करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि सरना-ईसाई एकता खतरे में है.

भूमि अधिग्रहण बिल, धर्मांतरण बिल एवं गलत स्थानीय नीति बना कर सरकार आदिवासियों के खिलाफ काफी बड़ी साजिश रच रही है. उन्होंने कहा कि उक्त मुद्दों को लेकर 23 अक्तूबर को रांची में सेंगेल महारैली का आयोजन किया जा रहा है. इसमें एक लाख से भी अधिक लोगों के इकट्ठा होने की संभावना है. उक्त रैली में मुख्य अतिथि के रूप में बीएएमसीएमएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्रम एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मौलाना सज्जाद नोमानी उपस्थित रहेंगे. रैली का मुख्य उद्देश्य एसटी,एससी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यकों को न्याय एवं आजादी दिलाना है़ रैली में झारखंड सहित ओड़िशा, आसाम, बंगाल आदि राज्यों से लोग भाग लेंगे. इस मौके पर फादर सेबेस्तियन, विकास के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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