गड्ढे में फंसी रफ्तार, एक वाहन को निकालते ही दूसरा अटक रहा, 72 घंटों से जाम में फंसी है गाड़ियां

राजनगर-सरायकेला मार्ग पर गहरे गड्ढों और कीचड़ के कारण 72 घंटों से भारी जाम लगा है. वाहन फंसने से चालक और स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं.

राजनगर : राजनगर-सरायकेला मुख्य मार्ग पर सारंगपोसी गांव के समीप सड़क पर बने गहरे गड्ढे और उसमें जमा कीचड़ वाहन चालकों के साथ स्थानीय लोगों के लिए परेशानी के सबब बन गये है. पिछले करीब 72 घंटे से इस हिस्से में भारी वाहनों का परिचालन प्रभावित है. गड्ढों में हाइवा और ट्रेलर फंसने के कारण चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. वहीं, कई चालक वाहन वापस मोड़कर दूसरे रास्ते से जाने को विवश हैं.

बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में पानी और मिट्टी जमा होने से पूरा हिस्सा दलदल में तब्दील हो गया है. भारी वाहनों के पहिए धंस रहे हैं. वाहन फंसने के बाद निकालने में घंटों लग रहे हैं. इस दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है.

गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से जोखिम बढ़ा

वाहन चालकों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि गड्ढे में पानी और कीचड़ जमा रहने के कारण उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है. कई चालक मजबूरी में वाहन लेकर आगे बढ़ते हैं और फंस जाते हैं. वाहन निकालने के लिए दूसरे भारी वाहनों या स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है.

समय और ईंधन की बर्बादी से दोहरी मार

चालकों का कहना है कि लंबे समय तक वाहन फंसे रहने से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है. माल लेकर चलने वाले वाहनों के लिए रास्ता बदलना आसान नहीं है. कई चालक अब इस हिस्से में पहुंचने से पहले ही वैकल्पिक रास्ते की तलाश कर रहे हैं.

स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी

भारी वाहनों के फंसने से सड़क पर जाम लग रहा है. स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित होता है. ग्रामीणों को अपने दैनिक काम, बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है. दोपहिया वाहन चालकों के लिए रास्ता और खतरनाक हो गया है. रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है.

एक वाहन फंसने पर थम जाती है पूरी रफ्तार

गौरतलब हो कि पिछले दिनों करीब 36 घंटे तक एक ट्रेलर और हाइवा को निकालने में मशक्कत करनी पड़ी. उन्हें हटाने के बाद लोगों ने राहत की उम्मीद की, लेकिन कुछ ही समय बाद दूसरा ट्रेलर और हाइवा गड्ढे में फंस गये. मंगलवार की रात काफी प्रयास के बाद इन्हें निकाला गया. इसके बाद दो और हाइवा फंस गये. ग्रामीणों का कहना है कि समस्या अब किसी एक वाहन की नहीं रह गयी है. सड़क का गड्ढा लगातार बड़ा और दलदलयुक्त होता जा रहा है. जब तक इसकी स्थायी मरम्मत नहीं होगी, तब तक भारी वाहनों के फंसने का सिलसिला जारी रहेगा.

स्थायी मरम्मत से मिलगी राहत

वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि गड्ढे में केवल मिट्टी या मलबा डालने से समस्या का समाधान नहीं होगा. सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को मजबूत तरीके से दुरुस्त करने की जरूरत है.

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By Surendra mardi

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