Seraikela Kharsawan News : पेसा कानून पर आदिवासी बहुल गांवों में जाकर लोगों से सुझाव लेंगे कार्यकर्ता : के राजू

सरायकेला. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं संग की बैठक

सरायकेला/खरसावां.

सरायकेला परिसदन में रविवार को कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी के राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी की ओर से चलायी जा रही संगठन सृजन 2025 को लेकर दिशा-निर्देश दिया.

प्रदेश प्रभारी के राजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता पेसा कानून पर आदिवासी बहुल गांवों में जाकर लोगों से सुझाव लेंगे. पेसा कानून पर कांग्रेस का पूरा फोकस है. लोगों के सुझाव को पार्टी फोरम पर रखा जाएगा. आदिवासी समुदाय के लोगों को इस कानून के संबंध में जागरूक करेंगे. जाति गणना को लेकर राहुल गांधी द्वारा किये गये संघर्ष की जानकारी भी आम लोगों को दी जायेगी. जाति जन गणना से होने वाले फायदे भी बताये जायेंगे. देश का संविधान खतरे में है. कांग्रेस पार्टी की ओर से संविधान बचाने में लड़ाई लड़ी जा रही है. अभी तक कांग्रेस पार्टी का जिला कार्यालय नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते जल्द कार्यालय खोलने का निर्देश दिया. राजू ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष को संगठनात्मक मजबूती के लिए दिशा निर्देश भी दिया.

संगठनात्मक मजबूती के लिए दिया निर्देश

कांग्रेस पार्टी के प्रदेश केशव महतो कमलेश ने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की योजना के तहत सभी प्रखंडों और मंडलों में नयी कमेटियों का गठन किया जा रहा है. प्रत्येक प्रखंड व मंडल कमेटी में 12 सदस्य होंगे, जिसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और नौ कार्यकारिणी सदस्य शामिल होंगे. कमेटियों में ओबीसी, महिला और अल्पसंख्यक वर्गों का समुचित प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा. जिला स्तर की कमेटी 24 सदस्यों की होगी. जबकि भविष्य की प्रदेश कमेटी में 48 सदस्य होंगे. सरायकेला जिले के 12 में से 6 प्रखंडों में कमेटियों का गठन हो चुका है और शेष 6 की प्रक्रिया तीन दिनों में पूरी कर ली जायेगी. प्रखंड और मंडल के गठन के बाद पंचायत और वार्ड स्तर पर भी संगठन विस्तार किया जाएगा. इस दौरान मुख्य रूप से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, रियाजुल अंसारी, जिला अध्यक्ष अम्बुज कुमार, छोटराय किस्कू, रामाश्रय प्रसाद, कोंदो कुंभकार, रवींद्र मंडल समेत पार्टी के कई नेता उपस्थित थे.

निर्णायक मोड़ पर पहुंची सरना धर्म कोड की मांग : केशव महतो कमलेश

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा के लिए सरना धर्म कोड की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. झारखंड विस इस प्रस्ताव को पहले ही पारित कर चुकी है. लेकिन केंद्र सरकार अब तक चुप है. अगर केंद्र की नींद फिर भी नहीं खुली तो हम जंतर-मंतर तक जायेंगे. हमारे विधायक, सांसद, मंत्री सब इस आंदोलन में शामिल होंगे. कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति के उपासक हैं. उनकी मान्यता अन्य धर्मों से भिन्न है. कमलेश ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में सरना धर्म कोड की लड़ाई को मजबूती से उठाने की प्रतिबद्धता जतायी.

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Author: AKASH

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