जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सरायकेला का परचम, दूसरे दिन एक गोल्ड समेत 5 पदक जीते

झारखंड राज्य स्तरीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सरायकेला के एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 7 पदक अपने नाम किए. जानिए पूरी खबर.

सरायकेला : बोकारो जिले के चंदनकियारी में तीसरी झारखंड राज्य स्तरीय जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सरायकेला-खरसावां जिले के एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे राज्य में जिले का परचम लहरा दिया है. प्रतियोगिता के दूसरे दिन जिले के खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक सहित 5 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. इस तरह दो दिनों में अब तक जिले की झोली में 7 पदक आ चुके हैं. इसमें एक स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं.

एथलीटों ने ट्रैक और फील्ड में किया दमदार प्रदर्शन

जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव सिकंदर महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि दूसरे दिन की प्रतियोगिता में जिले के एथलीटों ने ट्रैक और फील्ड दोनों में दमदार प्रदर्शन किया. अंडर-20 बालक वर्ग में जिले के उभरते हुए स्टार धावक प्रिंस कुमार ने दोहरी सफलता हासिल की. उन्होंने 400 मीटर दौड़ में सभी प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. इसके बाद 200 मीटर दौड़ में भी उन्होंने बेहतरीन दौड़ लगाते हुए रजत पदक जीता. प्रिंस की इस उपलब्धि से जिले में खुशी की लहर है.

400 मीटर हर्डल दौड़ में मिला पदक

इसी वर्ग में 400 मीटर हर्डल दौड़ में मिलन सोय ने कांस्य पदक जीतकर जिले को एक और पदक दिलाया. मिलन ने बाधा दौड़ में तकनीक और गति का शानदार नमूना पेश किया. बालिका वर्ग में भी जिले की बेटियों ने कमाल दिखाया. अंडर-20 बालिका वर्ग में 5000 मीटर रेस वॉक में जोसना सिंह सरदार ने रजत पदक जीतकर साबित कर दिया कि जिले की बेटियां किसी से कम नहीं हैं. उन्होंने पूरी रेस में अपनी लय बनाए रखी और दूसरे स्थान पर रहीं. वहीं, अंडर-18 बालक वर्ग में 5000 मीटर रेस वॉक में सुचांद महतो ने कांस्य पदक जीतकर जिले के पदकों की संख्या में इजाफा किया. सुचांद ने अपनी सहनशक्ति और अनुशासित वॉक से यह सफलता अर्जित की.

संसाधन के अभाव में भी खिलाड़ी कर रहे उम्दा प्रदर्शन

सचिव सिकंदर महतो ने बताया कि यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि सरायकेला-खरसावां जिले में खेल के लिए बुनियादी संसाधनों का घोर अभाव है.जिले में ना ही डे-बोर्डिंग सेंटर है, ना ही आवासीय सेंटर और ना ही सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा है. खिलाड़ी सीमित संसाधनों में ही कड़ी मेहनत कर रहे हैं.

सरायकेला में खेल के लिए एक ही मैदान

उन्होंने कहा - सरायकेला में खेल मैदान के नाम पर सिर्फ एक ऐतिहासिक एसएफसी मैदान है. यह मैदान सरायकेला राजघराना द्वारा खेल के विकास के लिए एसएफसी कमेटी को दिया गया था. आज उसी मैदान की देन है कि यहां के खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे हैं. जबकि एक मानक एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए 400 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक होना अनिवार्य है, जो जिले में नहीं है. इसके बावजूद हमारे कोच करमु मंडल और अन्य प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में खिलाड़ी मिट्टी के मैदान पर ही अभ्यास कर राज्य स्तर पर पदक जीत रहे हैं. सचिव ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जिले में सिंथेटिक ट्रैक और आवासीय खेल छात्रावास की व्यवस्था की जाए, ताकि यहां की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके.

पदक विजेता खिलाड़ियों को दी बधाई

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिला उपायुक्त, जिला खेल पदाधिकारी, जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष लक्ष्मण महतो, गणेश चन्द्र महतो, नित्यानंद महतो, कोषाध्यक्ष विष्णु नारायण सिंह, संयुक्त सचिव करमु मंडल, चंदन कुमार, प्रियंका पात्र सहित सभी पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं.

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By Dheeraj Singh

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