राजनगर: राजनगर से सरायकेला को जोड़ने वाले करीब 15 किलोमीटर लंबे बाइपास मार्ग के पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है. करीब 25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सड़क को नये सिरे से मजबूत किया जायेगा. इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर लिया गया है. आगामी एक सप्ताह के भीतर टेंडर जारी होने की संभावना है. निर्माण कार्य स्टेट हाइ-वे अथॉरिटी ऑफ झारखंड (साज) के अधीन होगा.
40 टन की सड़क पर दौड़ रहे थे 100 टन तक के वाहन
पूर्व मुख्यमंत्री सह विधायक चंपाई सोरेन के प्रतिनिधि सनद आचार्य (टुलु) ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बाइपास सड़क की स्वीकृति वर्ष 2012 में मिली थी. उस समय इसे 40 टन भार वहन क्षमता के अनुसार डिजाइन किया गया था. निर्माण के बाद इस मार्ग पर 80 से 100 टन तक के भारी मालवाहक वाहनों का लगातार परिचालन होने लगा. क्षमता से दोगुने से अधिक भार पड़ने के कारण सड़क समय से पहले ही बदहाल और जर्जर हो गयी.
सड़क की बदहाली से ग्रामीणों में आक्रोश, भारी वाहनों पर रोक
सड़क की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों और राहगीरों में लंबे समय से नाराजगी थी. जर्जर सड़क के कारण आवागमन में परेशानी के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती थी. इसे देखते हुए सड़क के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने तक जिला प्रशासन ने भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश दिया है. हालांकि, सूचना के अभाव में पहुंचने वाले कुछ भारी वाहनों को मौके पर ही रोकना पड़ रहा है.
चंपाई सोरेन ने वीडियो भेजकर विभाग को दिखायी सड़क की हकीकत
सनद आचार्य ने बताया कि चंपाई सोरेन सड़क के जीर्णोद्धार को लेकर लगातार प्रयास कर रहे थे. उन्होंने साज के सचिव को करीब छह मिनट का वीडियो भेजकर सड़क की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया था. वीडियो में 40 टन क्षमता वाली सड़क पर 100 टन तक के वाहनों के परिचालन की स्थिति दिखायी गयी थी. इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीपीआर तैयार कराया. नयी सड़क को 80 से 100 टन तक के भार के अनुरूप मजबूत किये जाने की योजना है. इसके पूरा होने के बाद भारी वाहनों के साथ आम लोगों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है.
