राजनगर. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, हेंसल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भव्य राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. प्रतियोगिता में कक्षा अरुण से लेकर षष्ठ (छठी) तक के नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. राधा और कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा में सजे बच्चों ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर को भक्तिमय बना दिया और सभी का मन मोह लिया.
संस्कृति और चरित्र निर्माण ही शिक्षा का मूल: प्रधानाचार्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमन बेसरा ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक संस्कारों से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों में सद्गुणों का विकास और मजबूत चरित्र निर्माण करना ही विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
पायल प्रथम, प्रियांशी द्वितीय व माधुरी रहीं तृतीय
प्रतियोगिता में निर्णायक मंडली के तीन सदस्यों ने प्रतिभागियों की वेशभूषा, मंच प्रस्तुति और भाव-भंगिमा के आधार पर अंकों का मूल्यांकन कर विजेताओं का चयन किया. प्रतियोगिता में पायल साहू ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया. वहीं प्रियांशी स्वर्णकार द्वितीय तथा माधुरी बास्के तृतीय स्थान पर रहीं.
समारोह के अंत में विद्यालय प्रबंधन की ओर से विजेता प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही अन्य सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया. कार्यक्रम का समापन लखींद्र महतो द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
