सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan News: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में आसमान से बरसती तेज धूप के साथ साथ तेज गर्मी से लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. वहीं, बिजली की किल्लत और लो वोल्टेज ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. लोगों को न तो घर में चैन मिल रहा है और न ही बाहर में. गर्मी से लोग तरबतर हो रहे है. गर्मी में लोड़ भी बढ़ गया है. इससे अक्सर 11 हजार वोल्ट बिजली के तार टूट कर गिर रहे है. साथ ही हल्की हवा चलने से ही पेड़ की डालियां आपस में सटने से लाइट भी ट्रिप कर जा रही है. इसे दुरुस्त करने के लिए भी बिजली काटनी पड़ रही है. बिजली विभाग के सरायकेला और खरसावां सब डिवीजन में रोजाना पांच से छह घंटे बिजली की कटौती हो रही है.
सरायकेला में बिजली की खपत बढ़ी
बढ़ती गर्मी में सरायकेला में बिजली की खपत बढ़ गई है. बिजली विभाग के सरायकेला सब डिवीजन के असिस्टेंट इंजीनियर संजय कुमार सवैया के अनुसार सरायकेला में उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के लिए 11 मेगावाट बिजली की जरूरत है, जबकि विभाग सिर्फ 6.5 से 7 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रहा है. इसमें शहरी क्षेत्र में जहां 3.32 मेगावाट और ग्रामीण क्षेत्रों में 3.42 मेगावाट बिजली की खपत हो रही है. संजय सवैया ने बताया कि इसके बावजूद भी क्षेत्र में बेहतर ढंग से बिजली की आपूर्ति करने की कोशिश की जा रही है.
लो वोल्टेज बनी समस्या
खरसावां और आस पास के गांवों में लो वोल्टेज के कारण बिजली से चलने वाले उपकरण ठीक ढंग से नहीं चल पा रहे है. या यूं कहें पंखा, कुलर, एसी, फ्रीज का पूरा फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा है. बिजली से चलने वाले उपकरण एक तरह से रेंग रहे है. बिजली विभाग के खरसावां सब डिवीजन में कुचाई से लेकर बडाबांबो, खरसावां समेत राजनगर का पूरा क्षेत्र आता है. गैस की कमी के कारण लोग अब इंडक्शन चूल्हों और हीटरों का सहारा ले रहे हैं, जिससे बिजली की खपत में बढ़ोतरी हुई है.
लो वोल्टेज और बिजली की कटौती से कारोबार पर असर
बिजली की कटौती व लो वोल्टेज से सरायकेला-खरसावां में कारोबार भी प्रभावित हो रही है. इसका सबसे ज्यादा असर दूध, दही, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम कारोबारियों पर पड़ रही है. वोल्टेज की कमी से फ्रिज ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है. ऐसे दूध, दही, आइसक्रीम खराब हो रहे हैं. कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री कम हो गई है.
लो वोल्टेज के कारण पानी सप्लाई पर असर
लो वोल्टेज के कारण कई जगहों पर घरेलू जलापूर्ति पर भी असर पड़ रहा है. खरसावां के गोंडामारा-सामुरसाई जलापूर्ति योजना के पंप हाउस की मशीन लो वोल्टेज के कारण नहीं चल रही है. इससे पिछले दस दिनों से एक दर्जन गांवों के 1276 घरों में जलापूर्ति बाधित है.
खरसावां के तीन पंचायतों में रात भर गुल रही बिजली
खरसावां, कुचाई, बडाबांबो समेत आस पास के क्षेत्रों में बुधवार की शाम गरज के साथ बारिश हुई. गरज के साथ बारिश होने और तेज हवा चलने से खरसावां-कुचाई के अधिकांश ईलाकों में बिजली गुल हो गई. इससे शाम के समय परेशानी का सामना करना पड़ा. ग्रामीण क्षेत्र के बिजली लाइन में कुछ जगहों पर फॉल्ट भी आ गई है. साथ ही इंसूलेटर भी पंचर हो गए हैं. इससे खरसावां-कुचाई में घंटो तक बिजली की आपूर्ति बाधित रही. खरसावां प्रखंड के तीन पंचायत हरिभंजा, रिडींग और बिटापुर में पूरी रात बिजली की आपूर्ति ठप रही. करीब 15 घंटों के बाद गुरुवार की सुबह बिजली की आपूर्ति की गई. इससे लोग रात भर करवट बदलते रहे.
फैक्ट फाइल
सरायकेला सब डिवीजन
डोमेस्टिक उपभोक्ता की संख्या : करीब 29500
कमर्शियल उपभोक्ता की संख्या : करीब 2000
एग्रीकल्चर उपभोक्ता की संख्या : 25
पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हेतु आवश्यक बिजली : 11 मेगावाट
सब डिवीजन को मिल रही बिजली : 3.32 मेगावाट (शहरी), 3.42 मेगावाट (ग्रामीण)
खरसावां सब डिवीजन
डोमेस्टिक उपभोक्ता की संख्या : 33400
कमर्शियल उपभोक्ता की संख्या : 2166
एग्रीकल्चर उपभोक्ता की संख्या : 59
पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति हेतु आवश्यक बिजली : 18 मेगावाट
सब डिवीजन को मिल रही बिजली : 17 मेगावाट
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