राजनगर.
राजनगर के बिडदिरी गांव में आदिवासी हो समाज कुदा जूंबा बिडदिरी के तत्वावधान में शुक्रवार को मागे मिलन समारोह हर्षोल्लास व परंपरागत रीति-रिवाज से संपन्न हुआ. ग्राम दियुरी के सोनाराम हेंब्रम ने देशाउली में विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए इष्ट देवता को प्रसन्न करने के लिए मुर्गे की बलि दी. पूजा के उपरांत ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से खिचड़ी प्रसाद ग्रहण किया. समारोह में बतौर मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा मौजूद रहे. मागे पर्व के अवसर पर आमंत्रित नृत्य दल भूमरी, हसाडुंगरी व बेलडीह के कलाकारों ने रातभर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया.मंदार की थाप पर आदिवासी महिला-पुरुष व युवक-युवतियों ने पारंपरिक नृत्य का भरपूर आनंद उठाया, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रहा. कार्यक्रम के दौरान आयोजित नृत्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने कहा कि मागे पर्व आदिवासी हो समाज का प्रमुख और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है.
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