Seraikela Kharsawan News : झारखंड व ओडिशा की कला पर झूमा शहर

मुखौटों के पीछे झलकी आस्था, नृत्य से जीवंत हुईं पौराणिक गाथाएंगोटीपुओ और घुड़का नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

सरायकेला. कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग की ओर से बिरसा स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई. कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण और संगीतमय आराधना के साथ हुआ. राजकीय छऊ कलाकेंद्र के कलाकारों ने सरायकेला शैली के पारंपरिक छऊ नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके साथ ग्रामीण छऊ नृत्य प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मानभूम और खरसावां शैली के कलाकारों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया. कलाकारों ने विशेष रूप से सरायकेला छऊ के ””””हर-पार्वती””””, ””””देवदासी”””” और ””””पताका”””” नृत्य की जीवंत प्रस्तुति दी. महोत्सव का मुख्य आकर्षण ओडिशा का सुप्रसिद्ध ””””गोटीपुओ”””” नृत्य, पश्चिमी ओडिशा का ””””घुड़का”””” आदिवासी नृत्य, कथक और नटुआ नृत्य रहे, जिन्होंने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. जीतराय हांसदा द्वारा प्रस्तुत ””””रिंझा”””” नृत्य को खूब सराहा गया.

सोना महापात्र के गीतों पर बजीं तालियां, रंगावती ने बांधा समां

सांस्कृतिक संध्या बॉलीवुड गायिका सोना महापात्र के नाम रही. उन्होंने अपनी जादुई आवाज और ऊर्जावान प्रस्तुति से पूरे सरायकेला को झूमने पर मजबूर कर दिया. मंच पर आते ही ””जोहार सरायकेला, जोहार झारखंड”” के अभिवादन के साथ उन्होंने दर्शकों से सीधा जुड़ाव बनाया. सोना महापात्र ने अपनी प्रस्तुति का आगाज शिव-शक्ति की उपासना के साथ किया. उन्होंने ””शिव तांडव”” और ””हे गिरी नंदिनी”” को अलग-अलग रागों में पेश कर माहौल को भक्तिमय और जोशीला बना दिया. इसके बाद उन्होंने अपना सुप्रसिद्ध ओड़िया गीत ””ए रंगावती रे रंगावती”” गाया, जिस पर पंडाल में मौजूद हर आयु वर्ग के लोग थिरकने लगे. कटक की रहने वाली सोना ने स्थानीय ओड़िया भाषा में संवाद कर लोगों का दिल जीत लिया. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ””डम डम डमरू बाजे”” और ””तुम बिन मोरा जिया जाए ना”” जैसे हिट गीतों के साथ-साथ ””झुमका गिरा रे”” और ””कजरा मोहब्बत वाला”” जैसे पुराने गानों को रिमिक्स अंदाज में पेश किया. ””फुकरे”” और ””लापता लेडीज”” जैसी फिल्मों में आवाज दे चुकीं सोना की शानदार गायकी ने इस वर्ष के छऊ महोत्सव को यादगार बना दिया.

समापन आज, रात भर चलेगा छऊ नृत्य का जादू

महोत्सव का समापन 13 अप्रैल को होगा. एसडीओ अभिनव प्रकाश ने बताया कि अंतिम दिन राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, केदार आर्ट सेंटर, कुश कारवा छऊ दल और ग्रामीण नृत्य प्रतियोगिता के विजेता दलों द्वारा रात भर छऊ नृत्य प्रस्तुत किया जायेगा. इस रात्रि जागरण के साथ ही महोत्सव का समापन होगा और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को सम्मानित किया जायेगा. मौके पर डीसी नीतीश कुमार सिंह, एसपी मुकेश लुणायत, सिंहभूम सांसद जोबा माझी, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज चौधरी और कलाकेंद्र सचिव सह एसडीओ अभिनव प्रकाश सहित कई वरीय अधिकारी, संगीत नाटक अकादमी अवार्डी ब्रजेंद्र पट्टनायक, आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला महांती सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद थे.

महोत्सव में पद्मश्री कलाकारों का हुआ सम्मान

सरायकेला. झारखंड सरकार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव का शुभारंभ हुआ. पहले दिन डीसी नीतीश कुमार सिंह और एसपी मुकेश लुणायत ने सरायकेला छऊ के गौरव पद्मश्री स्व. शुधेंद्र नारायण सिंहदेव, केदार साहू और गोपाल प्रसाद दुबे समेत कई दिग्गज गुरुओं के परिजनों को सम्मानित किया.सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडल फेम प्रियांग्शु दत्ता ने खामोशियां और इश्क का जुनून जैसे गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. सरायकेला शैली छऊ कला में प्रथम पद्मश्री स्व शुधेंद्र नारायण सिंहदेव, पद्मश्री स्व केदार साहु, पद्मश्री स्व मकरध्वज दारोघा, पद्मश्री स्व गोपाल प्रसाद दुबे को सम्मानित किया गया. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त गुरु जय नारायण सामल, कन्हाईलाल महाराणा, विश्वनाथ कुंभकार के परिजन सहित गुरु तपन पट्टनायक, ब्रजेंद्र पट्टनायक को सम्मानित किया गया.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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