धीरज सिंह
Saraikela: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह की अदालत ने पॉक्सो एक्ट मामले की सुनवाई करते हुए शादी का झांसा देकर नाबालिक के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी सिद्धार्थ किस्कू को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई. जुर्माना नहीं देने पर दोषी को 4 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. यह सजा पॉक्सो एक्ट के अंडर सेक्शन 6 के तहत सुनाई गई है. मामला सरायकेला महिला थाना का है. मामले को लेकर पीड़िता के पिता ने महिला थाना में आरोपी सिद्धार्थ किस्कू के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.
क्या था पूरा मामला
मामला 15 दिसंबर 2024 का है. मामले को लेकर पीड़िता के पिता ने 21 दिसंबर 2024 को सरायकेला महिला थाना में मामला दर्ज किया था. आवेदन में कहा गया था कि 15 दिसंबर की सुबह करीब 3 बजे सिद्धार्थ किस्कू पीड़िता को फोन कर घर से बाहर बुलाया. उसके बाद उसे अपनी स्कूटी पर बैठाकर दशमी पूजा देखने के लिए डुबुलडीह गांव लेकर गया. वहां आरोपी पीड़िता के साथ डांस करने लगा. कुछ देर बाद पीड़िता ने आरोपी से उसे घर छोड़ देने को कहा. आरोपी ने पीड़िता को यह कहकर कि गांव के तरफ से जाएंगे तो लोग देख लेंगे उसे दूसरे रास्ते से लेकर जाने लगा.
इस प्रकार फंसाया जाल में
4 बजे के करीब डोबोडीह के पास उसने स्कूटी रोक दी और पीड़िता के साथ जोर जबरदस्ती करने लगा. पीड़िता ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने उससे शादी करने की बात कहकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया. इसके बाद पीड़िता को गम्हरिया बस स्टैंड के पास ले जाकर छोड़ दिया. पीड़िता के घर से जब उससे संपर्क किया गया तो उसने गम्हरिया में होने की बात बताई. पीड़िता के पिता ने उसे गाड़ी पकड़कर सरायकेला आने को कहा. जिसके बाद पीड़िता अपने घर गई.
पीड़िता का मिला न्याय
चार दिन बाद 21 दिसंबर को पीड़िता ने आरोपी द्वारा किए गए सभी घटना को अपने परिजनों को बताया, जिसके बाद उसके पिता ने सरायकेला महिला थाना में मामला दर्ज कराया. अब इतने दिनों बाद पीड़िता का न्याय मिला और दोषी को सजा हुई.
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