खरसावां: बिटापुर पंचायत क्षेत्र की जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा ग्राम सभा के अधिकारों को मजबूत करने को लेकर रविवार को विटापुर पंचायत भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक में पंचायत क्षेत्र की सभी 15 ग्राम सभाओं को आपसी समन्वय के साथ मजबूत करने और भूमि से जुड़े मामलों में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
ग्रामीण अध्यक्ष बीरसिंह उरांव की उपस्थिति में आयोजित बैठक में कृषि भूमि, गैर-कृषि भूमि और वन भूमि से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई. ग्रामीणों ने कहा कि जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से गांव की सामाजिक व सामुदायिक भावनाएं जुड़ी हैं. इसलिए जमीन से संबंधित किसी भी बड़े निर्णय में ग्राम सभा और ग्रामीणों की जानकारी व सहभागिता जरूरी है.
पेसा कानून के प्रति जागरूकता पर जोर
बैठक में पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की भूमिका और अधिकारों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया. ग्रामीणों ने कहा कि सभी 15 ग्राम सभाओं को एकजुट कर जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों में सामूहिक रूप से आवाज उठायी जायेगी.
जमीन की खरीद-बिक्री में ग्राम सभा को सूचना देने की मांग
ग्रामीणों ने जमीन की खरीद-बिक्री से पहले संबंधित पक्षों द्वारा ग्राम सभा को जानकारी देने की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की. साथ ही ग्राम प्रधान व जनप्रतिनिधियों से बिना दस्तावेज पढ़े किसी भी कागजात का सत्यापन नहीं करने का निर्णय लिया गया. दस्तावेज को पूरी तरह समझने के बाद ही हस्ताक्षर या सत्यापन करने पर जोर दिया गया. बैठक में बाहरी ठेकेदारों व व्यावसायिक संस्थानों की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में किसी बड़े निजी या व्यावसायिक कार्य से पहले ग्राम सभा और ग्रामीणों के साथ उचित संवाद होना चाहिए. वन भूमि, अतिक्रमण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता जतायी.
बैठक में 15 अगस्त को पंचायत भवन में अगली बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया. इसमें सभी 15 ग्राम सभाओं के बीच समन्वय और आगे की रणनीति तय की जायेगी. मौके पर मुखिया इंद्रजीत उरांव, ग्राम प्रधान बीरसिंह उरांव, मंगला उरांव, विष्णु सिंह सरदार, सुनील महतो, लक्ष्मण महतो, लखींद्र सरदार, बबलू महतो, सुभाष महतो, सुखदेव सरदार, शंभु महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
