संवाददाता खरसावां
खरसावां एवं कुचाई प्रखंड में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गयी है. सोमवार की शाम से मंगलवार की सुबह तक दोनों प्रखंडों के अधिकांश गांव अंधेरे में डूबे रहे. करीब 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई. सोमवार शाम करीब छह बजे बाधित हुई बिजली मंगलवार सुबह करीब आठ बजे बहाल हो सकी. हालांकि लोगों को राहत अधिक देर तक नहीं मिल सकी. बिजली बहाल होने के कुछ ही देर बाद फिर दिनभर ट्रिपिंग और कटौती का सिलसिला चलता रहा. ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य लाइन के फॉल्ट को दूर करने के लिए अलग-अलग फीडरों की बिजली काटी गयी, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ा.
उमस भरी गर्मी ने बढ़ायी मुश्किलें
लगातार बिजली गुल रहने से घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े रहे. उमस भरी गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी. बिजली संकट का असर बच्चों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार पर भी पड़ा. कई दुकानदारों को समय से पहले प्रतिष्ठान बंद करने पड़े, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल हो गया.
बारिश और मेघ गर्जन से बिगड़ी बिजली व्यवस्था
बिजली विभाग के अनुसार लगातार मेघ गर्जन और बारिश के कारण मुख्य लाइन में कई स्थानों पर तकनीकी खराबी आ गयी. चार से पांच स्थानों पर इंसुलेटर पंचर हो गये, जबकि मुख्य लाइन में भी फॉल्ट आ गया. फॉल्ट की पहचान करने और खराब इंसुलेटर बदलने में काफी समय लगा. विभागीय कर्मियों ने पूरी रात मरम्मत कार्य कर मंगलवार सुबह बिजली आपूर्ति बहाल की, लेकिन दिनभर विभिन्न स्थानों पर फॉल्ट दूर करने का कार्य चलता रहा.
एक सप्ताह से लगातार हो रही कटौती
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन सात से आठ घंटे तक बिजली कटौती हो रही है. हल्की बारिश, तेज हवा अथवा मेघ गर्जन होते ही बिजली गुल हो जाती है. कभी मुख्य लाइन में फॉल्ट, तो कभी ग्रिड अथवा पावर सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति बाधित हो रही है. इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है. लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात के मौसम में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है.
कुचाई के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी परेशानी
कुचाई प्रखंड के अधिकांश गांव सोमवार की पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे. मंगलवार सुबह दस बजे के बाद एक-एक कर विभिन्न क्षेत्रों में फॉल्ट दूर किया गया, जिसके बाद बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकी. रातभर बिजली नहीं रहने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही. मोबाइल चार्जिंग, घरेलू कार्य और छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हुए. कई विद्यार्थियों को डिबरी और मोमबत्ती की रोशनी में पढ़ाई करनी पड़ी. ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा जर्जर उपकरणों को शीघ्र बदलने की मांग की है.
स्थायी समाधान की उठी मांग
स्थानीय लोगों ने कहा कि बरसात शुरू होते ही बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है. उन्होंने विभाग से जर्जर इंसुलेटर एवं अन्य उपकरणों को बदलने, लाइन का नियमित रखरखाव करने तथा फॉल्ट होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सके.
क्या कहते हैं अधिकारी
राजखरसावां विद्युत सब डिवीजन के सहायक अभियंता विदेश माझी ने बताया कि मेघ गर्जन और बारिश के कारण कई स्थानों पर इंसुलेटर पंचर हो गये थे तथा मुख्य लाइन में भी फॉल्ट आ गया था. सभी तकनीकी खराबियों को दूर करने में समय लगा. विभाग की टीम पूरी रात मरम्मत कार्य में जुटी रही. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार किया जा रहा है.
