शचिंद्र कुमार दाश
Kharsawan: खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने बुधवार को विधान सभा के बजट सत्र के अंतिम दिन गैर सरकारी संकल्प के तहत खरसावां के आमदा में अधूरे पड़े 500 बेड के अस्पताल निर्माण कार्य को पूर्ण कराने की मांग की. विधायक दशरथ गागराई के सवाल का जबाव देते हुए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि अधूरे पड़े 500 बेड के अस्पताल को रिडेवलपमेंट कर इसे मेडिकल कॉलेज में तब्दील किया जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 2026-27 में मेडिकल कॉलेज का कार्य पूर्ण हो जाएगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जल्द ही वह विभागीय अधिकारियों की टीम के साथ खरसावां का दौरा कर निर्माणाधीन अस्पताल का निरीक्षण करेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य में अगले एक साल में आठ मेडिकल कॉलेज बनेंगे.
12 साल से अधूरा पड़ा अस्पताल, जल्द शुरू कराएं : गागराई
खरसावां विधायक दशरथ गागराई विधान सभा में ने कहा कि खरसावां के आमदा में 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य पिछले 12 वर्षों से अधिक से समय से अधूरा पड़ा हुआ है. उन्होंने सरकार से अस्पताल निर्माण के बाकी बचे कार्यों का जल्द से जल्द निविदा की प्रक्रिया पूरा कर निर्माण कार्य पूर्ण कराने और अस्पताल को चालू कराने की मांग की. जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके. विधायक दशरथ गागराई ने स्वास्थ्य मंत्री से इसी माह ही खरसावां का दौरा करने की अपील की, ताकि वे वस्तुस्थिति से अवगत हो सकें.
क्या है मामला ?
खरसावां विधायक दशरथ गागराई द्वारा पेश किये गये गैर सरकारी संकल्प के जबाव देते हुए विभाग की ओर से बताया गया कि वर्ष 2011 में रांची जिला में निर्माणधीन 500 बेड के अस्पताल की तर्ज पर खरसावां में 500 बेड वाले अस्पताल भवन के निर्माण के लिए 153.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी थी. कार्य की गति धीमी रहने के कारण संवेदक एनबीसीसी लिमिटेड, नई दिल्ली के साथ किये गये एकरारनामा को खत्म कर दिया गया. साथ ही झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, रांची द्वारा फिर से इस योजना के लिए 353.04 करोड़ रुपये का प्राक्कलन उपलब्ध कराया गया, जो मूल मूल स्वीकृत राशि से काफी अधिक है.
पीपीपी मोड पर चलेगा मेडिकल कॉलेज
बाद में समीक्षा कर उस निर्माणाधीन भवन को यथा स्थिति के रूप में वीजीएफ स्कीम (VGF Scheme) के तहत पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज में अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है. वर्तमान में प्रथम चरण में भारत सरकार द्वारा गिरिडीह, जामताड़ा, खूंटी और धनबाद जिले के सदर अस्पतालों को वीजीएफ स्कीम (VGF Scheme) के तहत पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज में विकसित किये जाने की स्वीकृति दी जा चुकी है. दूसरी सूचि में सरायकेला-खरसावां के अस्पताल को अपग्रेड कर वीजीएफ स्कीम (VGF Scheme) के तहत पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज में विकसित किये जाने संबंधी सैद्धांतिक सहमति प्राप्त कर ली गयी है. इस मामले में भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाना बाकी है.
ये भी पढ़ें…
सरायकेला सदर अस्पताल का ICU बना ‘शो-पीस’: 38 लाख की मशीनें खा रहीं धूल
मानगो के डिप्टी मेयर ने मेयर सुधा गुप्ता से की मुलाकात, विकास पर हुई विस्तार से चर्चा
