खरसावां.
एसपी मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर पुलिस की टीम ने खरसावां के सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से अफीम की खेती का सत्यापन किया. इस दौरान खरसावां थाना क्षेत्र के लखनडीह, नारायणबेड़ा, हुडांगदा और रानी पोखर गांव के आसपास के जंगलों और खेतों का भौतिक निरीक्षण किया गया. सत्यापन के क्रम में कुछ स्थानों पर आलू, सरसों और सब्जी की खेती पायी गयी, जबकि अधिकतर क्षेत्र परती अवस्था में मिले. लखनडीह गांव में पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों को अफीम की खेती छोड़कर वैकल्पिक खेती अपनाने के लिए जागरूक किया. खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष जिन इलाकों में पुलिस द्वारा अफीम की खेती को नष्ट किया गया था, वहां दोबारा खेती न हो, इसके लिए ड्रोन के माध्यम से सर्च अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि बीते वर्ष खरसावां थाना क्षेत्र में करीब 82 एकड़ भूमि में लगी अफीम की खेती को विनष्ट किया गया था. थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस प्रशासन इस वर्ष अफीम की खेती को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है. अफीम की खेती युवाओं को नशे की ओर धकेल रही है और क्षेत्र की उपजाऊ भूमि को बंजर बना रही है. उन्होंने अफीम की खेती करने वालों को सख्त चेतावनी दी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
