चांडिल: हिंदी सावन के दूसरे और बंगला सावन के चौथे सोमवार को चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के प्रसिद्ध प्राचीन कालीन जायदा शिव मंदिर, ईचागढ़ के चतुर्मुखा शिव मंदिर, कुकड़ू के प्रसिद्ध जारगो महादेव बेड़ा शिव मंदिर समेत विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. सुबह से ही भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे. हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से शिवालयों का वातावरण भक्तिमय बना रहा.
भगवान शिव का किया जलाभिषेक
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की. कई भक्तों ने उपवास रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की. प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर तक जारी रहा.
सोमवारी को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट की गई थी. महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूजा-अर्चना करने पहुंचे. सुरक्षा और भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों की ओर से भी आवश्यक व्यवस्था की गई थी.
सावन के दूसरे सोमवार को लेकर क्षेत्र में श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया. सुबह से ही कई शिवालयों में लंबी कतारें लगी रहीं. श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, फूल, दूध और गंगाजल अर्पित कर भगवान शिव की आराधना की. पूरे क्षेत्र में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा.
