Dashrath Gagrai, सरायकेला (शचिंद्र कुमार दाश): सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड स्थित सुरसी के एग्रो टेक्नोलॉजिकल पार्क की अव्यवस्था का मामला विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन उठाया गया. विधायक दशरथ गागराई ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से बताया कि वर्ष 2022 में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से इस पार्क की स्थापना की गयी थी. इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के जरिये नगदी और व्यावसायिक फसलों की खेती, डेयरी, मत्स्य पालन, बकरी पालन, शहद उत्पादन और फूलों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाना था, लेकिन वर्तमान में इसका लाभ क्षेत्र के किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है.
विधायक दशरथ गागराई ने लगाया बड़ा आरोप
विधायक दशरथ गागराई ने आरोप लगाया कि योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी ‘बेटर वर्ल्ड फाउंडेशन’ इसे सही तरीके से संचालित नहीं कर सकी, इसके बावजूद उसे भुगतान कर दिया गया. उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इस योजना को दोबारा प्रभावी तरीके से शुरू करने की कोई योजना है.
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कृषि और पशुपालन विभाग ने क्या कहा
इस पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने लिखित जवाब में कहा कि परियोजना के सभी घटकों का निर्माण पूरा कर लिया गया है. साथ ही आसपास के गांवों के किसानों को जोड़कर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) का गठन भी किया गया. एजेंसी को भुगतान निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन के बाद ही किया गया है. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि 5 जुलाई 2025 से इस परियोजना का संचालन ‘सुरसी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ को सौंप दिया गया है. इस कंपनी का गठन आसपास के गांवों के 500 किसानों को प्रशिक्षित कर किया गया है और वर्तमान में वही पार्क का संचालन कर रही है.
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