खरसावां. खरसावां प्रखंड के बोडडा गांव में रक्षाबंधन का पर्व इस बार भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ लोक संस्कृति और कला के अनूठे संगम के रूप में मनाया गया. शनिवार की रात आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक दशरथ गागराई, प्रखंड प्रमुख मनेंद्र जामुदा और जोजोडीह पंचायत के मुखिया मंगल सिंह जामुदा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया. विधायक दशरथ गागराई ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं. उन्होंने झारखंड की समृद्ध लोक विरासत को संजोए रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया.
आदिवासी, नागपुरी और संबलपुरी गीतों की गूंजा मंच
उद्घाटन के तुरंत बाद शुरू हुआ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर देर रात तक अनवरत चलता रहा. स्थानीय व आमंत्रित कलाकारों ने पारंपरिक आदिवासी गीतों पर आकर्षक नृत्य पेश कर समां बांध दिया. इसके साथ ही संबलपुरी और नागपुरी धुनों पर कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. ढोल-नगाड़ों की थाप और सुरीली धुनों पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी झूमते नजर आए. कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंजता रहा.
बेहतर कलाकारों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्थानीय कलाकारों को आयोजन समिति की ओर से सम्मानित किया गया. ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल आपसी मेल-जोल बढ़ता है, बल्कि क्षेत्रीय कला-संस्कृति को भी एक बेहतर मंच मिलता है. आयोजकों ने घोषणा की कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बोडडा गांव में हर साल इस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, ताकि पारंपरिक विरासत हमेशा जीवंत बनी रहे.
