झारखंड के कालीझरना में लकड़ी माफियाओं ने सैकड़ों पेड़ काट डाले, देखें PHOTOS

Crime News Jharkhand: झारखंड के सरायकेला जिले के कालीझरना में लकड़ी माफियाओं ने सैकड़ों पेड़ काट डाले हैं. ग्रामीणों को पैसे देकर उसकी कटाई और ढुलाई हो रही है.

Crime News Jharkhand: सरायकेला के डोबो के पास सतनाला डैम से आगे वन विभाग की कालीझरना के नाला के पास सैकड़ों पेड़ काट डाले गए हैं. इन सारे पेड़ों को काटकर ऊंची कीमतों पर बेच दिया गया है. एक संगठित गिरोह ग्रामीणों की आड़ में यह काम कर रहा है. वन विभाग दावा करता है कि वह काफी अलर्ट है, लेकिन विभाग की ओर से इसको आज तक रोका नहीं गया है. काफी दिनों से यह काम चल रहा है, जिसकी वजह से सैकड़ों पेड़ों के ठूंठ यहां साफतौर पर देखा जा सकता है. बड़े भूखंड में लगाये गये इन पेड़ों को वन विभाग की ओर से ही लगाया गया था. इन पेड़ों को बारी-बारी से ही काट दिया गया है. यह खुलेआम काम चल रहा है, जिसमें काफी संख्या में महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों को लगाया गया है.

ये हाल बना दिया जंगल का. फोटो : प्रभात खबर

खुलेआम हो रही लकड़ी की ढुलाई

इनके माध्यम से इसको कटाया जा रहा है और लकड़ी माफिया खुले बाजार में इसका ट्रांसपोर्टेशन कर रहे हैं. इसको लेकर यह कोशिश की जा रही है कि यह दिखाया जाये कि जलावन के लिए ग्रामीण लकड़ी ले जा रहे हैं. हकीकत इससे विपरीत है. ग्रामीणों द्वारा कटवाकर इसको माफिया ऊंची कीमतों में बेच रहे है.

पेड़ों को काटने के बाद इस तरह से होती है लकड़ी की ढुलाई. फोटो : प्रभात खबर

ग्रामीणों से ही करवा रहे जंगल की कटाई

ग्रामीणों को बदले में नाममात्र का पैसा दिया जा रहा है. लकड़ी काटने के सारे औजार से लैस ग्रामीण पेड़ों की कटाई कर रहे हैं. उसकी ढुलाई सरेआम हो रही है. वन विभाग की ओर से पहले तो इसको झुठलाने की कोशिश की गयी, लेकिन हकीकत बताने पर अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई की जाएगी.

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मामले में कड़ी कार्रवाई होगी : डीएफओ

दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने कहा कि आपने जो जानकारी साझा की है, उसकी जांच कराई गई है. दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई की जायेगी. ऐसा फिर न हो, इसके उपाय भी किए जाएंगे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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