सरायकेला में सफाई संकट: मानदेय न मिलने पर सफाईकर्मियों का कार्य बहिष्कार

शहर में गंदगी का अंबार, सफाईकर्मियों की हड़ताल से कचरा उठाव ठप

सरायकेला.

सरायकेला शहरी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. कचरा उठाने वाली एजेंसी के कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जिसके कारण शहर में कचरा उठाव कार्य ठप हो गया है. एजेंसी द्वारा कचरा नहीं उठाये जाने के कारण शहरी क्षेत्र के चौक-चौराहों पर कचरे के ढेर लग गये हैं. हालांकि, नगर पंचायत अपने स्तर पर सफाई का प्रयास कर रही है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं साबित हो रहा है. जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी बंद हो जाने से घरों में कचरा जमा हो गया है.

एमएसडब्ल्यू कंपनी के सफाईकर्मियों की हड़ताल से ठप हुआ कचरा उठाव

सरायकेला शहरी क्षेत्र में कचरा उठाने का जिम्मा एमएसडब्ल्यू कंपनी के पास है. कंपनी के सफाईकर्मी डोर-टू-डोर जाकर कचरा संग्रहण करते हैं. वर्तमान में लगभग 15 सफाईकर्मी वाहनों के माध्यम से कचरा उठाने का कार्य करते थे. लेकिन पिछले दो महीनों से मानदेय नहीं मिलने के कारण मंगलवार से सफाईकर्मियों ने काम बंद कर दिया. इससे शहर के विभिन्न हिस्सों में कचरे के ढेर लग गये हैं.

शहर के इन इलाकों में कचरे का अंबार

कचरा नहीं उठने के कारण शहर के संजय चौक, पाटरासाही, हाटसाही, मुख्य बाजार, पुराना छऊ कला केंद्र सड़क सहित कई चौक-चौराहों पर कचरे का अंबार लग चुका है.

नगर पंचायत कर रही अपने स्तर से सफाई, लेकिन प्रयास नाकाफी

नगर पंचायत द्वारा अपने स्तर पर दो ट्रैक्टरों की मदद से कचरा उठाव का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं हो पा रहा है. पूरे शहर की सफाई केवल दो ट्रैक्टरों से संभव नहीं है, जिससे कई इलाकों में गंदगी बढ़ती जा रही है. लोगों के घरों में भी कचरा जमा हो गया है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं.

नगर प्रशासन बोला

सरायकेला नगर पंचायत के नगर प्रबंधक महेश जारिका ने कहा, “दो दिनों से सफाईकर्मी हड़ताल पर हैं, जिसके कारण एजेंसी को स्पष्टीकरण जारी किया गया है. उन्हें जल्द से जल्द कचरा उठाव शुरू करने का निर्देश दिया गया है.

नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष ने कहा

नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष जलेश कवि ने कहा कि शहरी क्षेत्र में कचरा उठाव नहीं होने से लोग परेशान हैं. कई टोलों में हफ्तेभर में एक बार भी कचरा उठाव वाहन नहीं आ रहे हैं, जिससे स्थिति बदतर हो गयी है. प्रशासन को अविलंब समाधान निकालना चाहिए.

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Author: DEVENDRA KUMAR

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