खरसावां. खरसावां में शुक्रवार को प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा के साथ राजबाड़ी स्थित जगन्नाथ मंदिर से मौसीबाड़ी गुंडिचा मंदिर पहुंचे. श्रीमंदिर से मौसीबाड़ी की यात्रा के दौरान जय जगन्नाथ के जयकारे लगते रहे. शुक्रवार को अमृत बेला पर राजबाड़ी परिसर स्थित जगन्नाथ मंदिर से प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व बहन सुभद्रा की मूर्तियों को पुरोहितों ने तारा मंदिर के सामने स्थित मुख्य सड़क तक पहुंचाया.
राजा गोपाल सिंहदेव ने निभायी छेरा पहंरा की परंपरा
छेरा पहंरा की रस्म खरसावां के राजा गोपाल नारायण सिंहदेव ने निभायी. फिर बड़दांड में विशेष पूजा की गयी. इसके बाद तीनों विग्रहों को रथ में बैठा कर मौसीबाड़ी ले जाया गया. रथ के आगे आगे ओडिशा से आये कलाकारों द्वारा ओडिसी नृत्य पेश किया गया. मौके पर अंबुजाख्य आचार्य, विमला षाड़ंगी, रानी अपराजिता सिंहदेव, विजया देवी, नंदू पांडेय, राकेश दाश, गोवर्धन राउत आदि मौजूद रहे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
