. राजनगर प्रखंड के गाम्देसाही निवासी पशुपालक रातु हांसदा (62) की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने 10 लाख मुआवजे की मांग को लेकर सिदो-कान्हू चौक पर चाईबासा-हाता और राजनगर-जुगसलाई मुख्य मार्ग को शव के साथ जाम कर दिया. गुरुवार रात 8 बजे शुरू हुआ यह विरोध-प्रदर्शन शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक यानी कुल 18 घंटे तक चला. सूचना मिलते ही बीडीओ मलय कुमार, एसडीपीओ समीर सावैयां दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी तत्काल मुआवजे की मांग पर अड़े रहे. तत्पश्चात दोपहर को सांसद जोबा माझी की पहल के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी. तब जाकर 18 घंटे बाद आवागमन सामान्य हुआ.
सड़क के दोनों ओर 9 किमी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही :
ग्रामीणों के उग्र तेवर के कारण सड़क के चारों ओर वाहनों का रेला लग गया. स्थिति इतनी गंभीर थी कि ग्रामीणों ने साइकिल सवार तक को पार होने नहीं दिया. जाम के कारण सड़क के दोनों ओर लगभग 9 किलोमीटर वाहनों की लंबी लाइन लग गयी. सरायकेला की ओर से छोटादवाना तक, चाईबासा की ओर से चालियामा तक और जमशेदपुर व घाटशिला की ओर से बड़ासिजुलता तक वाहनों की कतारें देखी गयीं.
भीषण गर्मी में जाम से राहगीर रहे परेशान :
चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद यात्री पैदल चलने को विवश दिखे. कई बसें और एम्बुलेंस जाम में फंसी रहीं, जिन्हें बाद में सरायकेला के रास्ते डायवर्ट किया गया. इसके बाद शुक्रवार दोपहर को सांसद जोबा माझी की पहल के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी. परिजनों को एक लाख रुपये नकद मुआवजा और अन्य सरकारी प्रावधानों के तहत त्वरित सहायता राशि दिलाने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए. दोपहर 2 बजे जाम हटने के बाद ही आवागमन सामान्य हो सका.
खाने के लिए भटकते रहे ट्रक चालक, धूप ने बढ़ायी परेशानी
राजनगर में कोलकाता, हल्दिया, दुर्गापुर, पारादीप के लिए जा रहे ट्रक चालक जाम में फंसे रहे. जाम के कारण राजनगर बाजार भी बंद रहा, जिससे चालकों को नाश्ता, भोजन और पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई ट्रक चालक भोजन के लिए भटकते नजर आए, जबकि कुछ ने अपने ट्रक के पास ही खाना बनाकर काम चलाया. तेज धूप ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं.
अप्रैल में डेढ़ दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं, पांच की गयी जान
हाता-राजनगर-चाईबासा मार्ग से रोजाना आठ से 10 हजार वाहन चलते हैं. जिले की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल इस मार्ग पर लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. अप्रैल माह में ही डेढ़ दर्जन से अधिक छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं. जाम के कारण स्कूली बच्चों से लेकर सरकारी कर्मियों को भी परेशानी हुई.
ट्रक के धक्के से घायल हो गये थे पशुपालक, रिम्स में मौत
विगत 16 अप्रैल को रातु हांसदा चाईबासा रोड पर तारा होटल के पास एक ट्रक की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे. रिम्स (रांची) में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. गुरुवार शाम जैसे ही शव गांव पहुंचा, ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया.