सरायकेला : खरसावां, चांडिल, राजनगर, सीनी, नीमडीह, आमदा, कुचाई और आसपास के क्षेत्रों में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को विजयादशमी के दिन भक्तों ने अश्रुपुरीत नेत्रो से विदा किया. आसछी बोछर आवार होगा.
के जयघोष के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को स्थानीय जलाशयों में विसजिर्त किया गया. खरसावां के सेवा संघ पूजा समिति, बेहरासाही सार्वजनिक पूजा समिति, सरकारी दुर्गा पूजा समिति की प्रतिमाओं को ट्रकों पर लाद कर खरसावां की सभी मुहल्लों में घुमाया गया, ताकि माता की कृपा सभी पर बनी रहे.
डंका व बैंड बाजे की धुन पर युवकों ने नाचते, गाते और गुलाल खेलते मां दुर्गा की प्रतिमा को सोना नदी में विसजिर्त कर दिया. आमदा में भी रेलवे कॉलोनी, ठाकुर बाड़ी पूजा पंडाल तथा आनंद ज्ञान मंदिर पूजा समिति ने अलग–अलग विसजर्न जुलूस निकाला. विसजर्न का सिलसिला देर रात तक चलता है. वही सरायकेला में पब्लिक दुर्गा पूजा समिति, सरकारी पूजा समिति, सार्वजनिक पूजा समिति इंदट्रांड़ी एवं दुर्गा पूजा समिति धर्मशाला में स्थापित प्रतिमा को सोमवार को विसजिर्त कर दिया गया.
चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में अधिकांश कमेटियों ने विजयादशमी के दिन ही प्रतिमाओं का विसजर्न कर दिया, जबकि कुछ कमेटियों ने मंगलवार को विसजर्न किया, तो कुछ कमेटियां बुधवार को प्रतिमा विसजर्न करेंगे. चांडिल बाजार में सार्वजनिक पूजा कमेटी द्वारा आयोजित दुर्गोत्सव में स्कूली बच्चों के प्रस्तुति ने अभिभावकों के साथ उपस्थित लोगों का जम कर मनोरंजन किया. दुर्गोत्सव के दौरान आयी तूफान और बारिश के कारण कई कमेटियों ने अनपे प्रस्तावित कार्यक्रम रद्द कर दिये.
सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमेटी चौका द्वारा यात्रानुष्ठान 18 एवं 19 अक्तूबर को किया जायेगा. वहीं चावलीबासा और चांदुडीह में भी कई कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया. चौका में प्रतिवर्ष प्रतिमाओं का विसजर्न एकदशी के दिन किया जाता है.
इंदट्रांड़ी में रावण दहन
सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी, इंदट्रांड़ी द्वारा रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया. बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर रावण दहन कार्यक्रम देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी.
शाम करीब साढ़े छह बजे रावण दहन किया गया. इसी तरह राजनगर के कुनाबेड़ा, एदल, सोसोमी, ईचा आदि स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा को सोमवार को विसजर्न कर दिया गया. इस मौके पर विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. वहीं साहेबगंज स्थित सीआरपीएफ के 196 बटालियन मुख्यालय में दुर्गोत्सव का आयोजन किया गया. कैंप में नवमी के दिन भंडारा का आयोजन किया गया.
