खरसावां : सरायकेला–खरसावां में एक सप्ताह से बिजली संकट जारी है. 22 सितंबर राजखरसावां ग्रिड (132/34 केवी) का एक ट्रांसफॉर्मर जल जाने से सरायकेला–खरसावां के लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं.
विभाग द्वारा खराब ट्रांसफॉर्मर को बदल कर 50 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की मंजूरी दे दी है, परंतु अब तक नया ट्रांसफॉर्मर ग्रिड नहीं पहुंचा है. तीन दिनों से ट्रांसफॉर्मर जमशेदपुर के मानगो एरिया में पड़ा हुआ है और इसे ग्रिड में पहुंचने में कम से कम चार दिनों का समय और लगने की बात कही जा रही है.
फिलहाल चंद घंटों के लिए पश्चिमी सिंहभूम के केंदपोसी ग्रिड से सरायकेला, सीनी, खरसावां, कुचाई, आमदा, बड़ाबांबो क्षेत्र में बारा–बारी से बिजली आपूर्ति की जा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार नये ट्रांसफॉर्मर से बिजली आपूर्ति करन में कम से कम 20 दिनों का समय और लगेगा. ऐसे में सरायकेला खरसावां की सड़कों पर नवरात्र के त्योहार में भी अंधेरा पसरा रहेगा.
पांच माह से जारी है संकट
खरसावां व आसपास के क्षेत्रों में पिछले पांच माह से बिजली संकट जारी है. 26 मई को ग्रिड का ट्रांसफॉर्मर खराब हुआ था, फिर सात दिनों के बाद मरम्मत कर बिजली की आपूर्ति शुरू की गयी. इसके पश्चात चार जून को ट्रांसफॉर्मर में खराबी आयी, जिसे 24 घंटे के भीतर मरम्मत कर आपूर्ति बहाल कर दी गयी.
फिर इसके बाद आठ जून को ट्रांसफॉर्मर में खराबी आ गयी, जिसका मरम्मत नहीं हो सका. 27 जून को उक्त ट्रांसफॉर्मर को बदल कर नोवामुंडी से वैकल्पिक व्यवस्था कर पुराना ट्रांसफॉर्मर ला कर लगाया गया और बिजली की आपूर्ति शुरू की गयी. इस दौरान कई बार इस ट्रांसफॉर्मर में भी तकनीकी खराबी आयी, लेकिन किसी तरह मरम्मत कर चलाया जा रहा था. इधर 22 सितंबर को आयी खराबी के बाद सरायकेला, खरसावां, सीनी व कुचाई फीडर में बिजली की आपूर्ति ही ठप हो गयी है.
