देहरीडीह अब तक नहीं बना पर्यटन ग्राम

– शचिंद्रदाश/प्रतापमिश्र – 16.41 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद पर्यटक गांव बनाने की योजना अधर में सरायकेला : केंद्र सरकार द्वारा खरसावां प्रखंड के देहरीडीह गांव को पर्यटन गांव बनाने का सपना जमीन के अभाव में साकार नहीं हो पा रहा है. देहरीडीह को पर्यटन गांव बनाने का प्रस्ताव 2006 में लाया गया था, […]

– शचिंद्रदाश/प्रतापमिश्र –

16.41 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद पर्यटक गांव बनाने की योजना अधर में

सरायकेला : केंद्र सरकार द्वारा खरसावां प्रखंड के देहरीडीह गांव को पर्यटन गांव बनाने का सपना जमीन के अभाव में साकार नहीं हो पा रहा है. देहरीडीह को पर्यटन गांव बनाने का प्रस्ताव 2006 में लाया गया था, जबकि इसे क्रियान्वित करने के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने नोडल एजेंसी कला मंदिर के साथ 25 जून 2007 को एमओयू किया था.

इस योजना के लिए हार्डवेयर मद पर 50 लाख तथा सॉफ्टवेयर मद पर 16 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी, जिसमें से हार्डवेयर मद से 3.41 लाख सॉफ्टवेयर मद से 13 लाख की राशि खर्च कर दी गयी है. जानकारी के अनुसार पर्यटन विभाग की ओर से गांव में जमीन की स्वीकृति दे कर कार्य शुरू करा दिया गया था.

बाद में ग्रामीणों ने पर्यटन गांव के लिए चयनित स्थल बदलने की मांग कर दी. इसके मद्देनजर प्रशासनिक स्तर पर गांव के पास ही एक अन्य जगह पर जमीन का चयन कर लिया गया, परंतु पर्यटन विभाग को जमीन का हस्तांतरण नहीं किया गया.

जमीन का हस्तांतरण नहीं होने के कारण ही अब तक पर्यटन गांव का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. नोडल एजेंसी कला मंदिर के सचिव अमिताभ घोष ने बताया कि पर्यटन गांव के लिए चयनित जमीन पर वर्क ऑडर मिलने के साथ ही कार्य शुरू दिया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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