बुश मिला तो तीन दिन में बिजली, नहीं तो..

खरसावां : सरायकेला, खरसावां, कुचाई, आमदा, बड़ाबांबो, राजनगर व सीनी क्षेत्र में तीन दिनों से जारी बिजली संकट अभी भी कायम है. इस बिजली संकट से 20 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हैं. 23 जुलाई से खराब राजखरसावां ग्रिड के ट्रांसफॉर्मर को अब तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है. 1977 मॉडल की इस ट्रांसफॉर्मर […]

खरसावां : सरायकेला, खरसावां, कुचाई, आमदा, बड़ाबांबो, राजनगर सीनी क्षेत्र में तीन दिनों से जारी बिजली संकट अभी भी कायम है. इस बिजली संकट से 20 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हैं.

23 जुलाई से खराब राजखरसावां ग्रिड के ट्रांसफॉर्मर को अब तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है. 1977 मॉडल की इस ट्रांसफॉर्मर के तीनों बुशिंग खराब हो गये हैं, जो फिलहाल झारखंड के किसी भी शहर में उपलब्ध नहीं हैं. विभाग द्वारा 50 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की तैयारी चल रही है.

जानकार बताते है कि नया ट्रांसफॉर्मर को ला कर लगाने बिजली आपूर्ति शुरू करने में कम से कम 25 दिनों का समय लगेगा. ऐसे में सरायकेलाखरसावां की सड़कों पर नव रात्र के त्योहार में भी अंधेरा पसरा रहेगा. फिलहाल विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर पश्चिम सिंहभूम के केंदपोसी ग्रिड से सरायकेला, खरसावां, राजनगर, सीनी, कुचाई आमदा क्षेत्र आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे में चारपांच घंटे के लिए बिजली आपूर्ति लो वोल्टेज के साथ की जा रही है.

वह भी अनियमित रूप से. लंबी दूरी से पावर डायवर्ट कर लाने के कारण लो वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है. इधर भाजपा द्वारा बिजली संकट दूर नहीं होने पर विभाग के खिलाफ 30 सितंबर को आमदा ग्रिड के समक्ष धरना प्रदर्शन करने की बात कही गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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