कोल्हान विवि में शुरू होगी छऊ की पढ़ाई, टीम पहुंची काशी साहू महाविद्यालय
सरायकेला : कोल्हान विश्वविद्यालय में सरायकेला शैली की छऊ नृत्य की पढ़ाई होगी. इसके मद्देनजर मंगलवार को विश्वविद्यालय की पांच सदस्यीय टीम सरायकेला काशी साहु महाविद्यालय पहुंची.
विवि के संस्कृत विभाग के के एचओडी रागिनी भूषण के नेतृत्व में आयी टीम ने महाविद्यालय में उपलब्ध आधारभूत संरचना के बारे में जानकारी हासिल की. इसके पश्चात पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्रीमती भूषण ने कहा कि सरायकेला शैली छऊ नृत्य की देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पहचान है.
यह झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर है. इस धरोहर को बचाने के लिए कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा पहल की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस इस विश्व प्रसिद्ध छऊ कला की संरक्षण के लिए ही विश्वविद्यालय द्वारा इस पर पढ़ाई शुरू की जा रही है. इसके लिए संभवत: इसी सत्र से ही छऊ की पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी. उन्होंने कहा कि एक वर्षीय पाठ्यक्रम में छात्रों को छऊ की शिक्षा दी जायेगी, ताकि यह कल बची रह सके.मौके पर प्राचार्य संतोष कुमार शर्मा, राजकीय छऊ कला केंद्र के तपन पट्टनायक के अलावा कई मौजूद थे.
एक वर्ष का पाठ्यक्रम
कला को बचाने के लिए कोई डिग्री का होना आवश्यक नहीं है. एक वर्षीय पाठ्यक्रम में कोई भी छात्र बिना डिग्री के भी इसमें नामांकन करा सकता है. उन्होंने कहा कि यह एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स होगा, जिसमें छात्रों को छऊ के बारे में शिक्षा दी जायेगी.
