राजनगर के गांवों में भी होगी तसर की खेती

खरसावां : खरसावां कुचाई के ग्रामीण क्षेत्रों में तसर की अप्रत्याशित खेती से उत्साहित उद्योग विभाग ने इसे अब राजनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाने की तैयारी कर ली है. खरसावां, कुचाई की तर्ज पर अब राजनगर में भी तसर की खेती इसी साल से शुरू कर दी जायेगी. प्रयोग के तौर पर पिछले वर्ष […]

खरसावां : खरसावां कुचाई के ग्रामीण क्षेत्रों में तसर की अप्रत्याशित खेती से उत्साहित उद्योग विभाग ने इसे अब राजनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाने की तैयारी कर ली है. खरसावां, कुचाई की तर्ज पर अब राजनगर में भी तसर की खेती इसी साल से शुरू कर दी जायेगी.

प्रयोग के तौर पर पिछले वर्ष खरसावां अग्र परियोजना केंद्र से राजनगर के आठ किसानों में एकएक सौ रोग मुक्त चक्कतों का वितरण कर तसर की खेती करायी गयी थी. आठ किसानों द्वारा किये गये खेती में बेहतर रिजल्ट निकला है.

उच्च कोटी के तसर कोसा का उत्पादन हुआ है. प्रयोग सफल होने के बाद अब क्षेत्र के बड़े पैमानों पर किसानों का समूह तैयार कर चालू वर्ष में ही तसर की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है. वर्तमान में 54 समूह का गठन कर लिया गया है, प्रत्येक समूह में 23 से 25 किसानों को रखा गया है. माह के अंत तक प्रत्येक किसान को दो रोग मुक्त चक्कते उपलब्ध कराया जायेगा.

रोग मुक्त चक्कतों से किसान कीट पालन कर तसर की खेती करेंगे. अग्र परियोजना पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि राजनगर प्रखंड के ओड़िशा सीमा तक बड़े पैमाने पर अजरुन आसन के पेड हैं. इन पेड़ों पर तसर की खेती होगी. राजनगर में तसर की खेती की काफी संभावना बनी हुई है. किसानों को अगले वर्ष प्रशिक्षण भी दिया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >