तसर के साथ-साथ मलबरी व एरी सिल्क की खेती पर जोर, हजारों को मिलेगा रोजगार

– हस्तकरघा व रेशम विभाग निर्देशक उदय प्रताप ने किया खरसावां पीपीसी का निरीक्षण शचिंद्र कुमार दाश, सरायकेला राज्य के हस्तकरघा, हस्तशिल्प व रेशम विभाग के निदेशक उदय प्रताप ने सोमवार को खरसावां अग्र परियोजना का निरीक्षण किया. मौके पर पत्रका���ों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में झारखंड में तसर के […]

– हस्तकरघा व रेशम विभाग निर्देशक उदय प्रताप ने किया खरसावां पीपीसी का निरीक्षण

शचिंद्र कुमार दाश, सरायकेला

राज्य के हस्तकरघा, हस्तशिल्प व रेशम विभाग के निदेशक उदय प्रताप ने सोमवार को खरसावां अग्र परियोजना का निरीक्षण किया. मौके पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में झारखंड में तसर के क्षेत्र में एक नयी क्रांति आयेगी. रेशम के जरीए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने के प्रति विभाग कृतसंकल्प है. उन्होंने कहा कि तसर की खेती के मामले में कोल्हान अव्वल रहा है. तसर के बाद प्रयोग के तौर पर एरी व मलबरी सिल्क की खेती शुरू करने का निर्णय लिया गया है.

एरी व मलबरी सिल्क की देश-विदेश में काफी मांग है. इसके जरीए गांव का व्यक्ति दो माह की खेती कर 50 से 70 हजार रुपया कमा सकता है. गांव के लोगों को अधिक से अधिक रोजगार देकर पलायन को रोकना है. रेशम क्रांति से रोजगार का सृजन होगा. कम लागत पर किसान अधिक रोजगार कर सकेंगे.

इस वर्ष 2400 मिट्रिक टन तसर उत्पादन की संभावना

रेशम विभाग के निदेशक उदय प्रताप ने कहा कि चालू वर्ष में राज्य में 2400 मिट्रिक टन तसर उत्पादन होने की संभावना है. इसी लक्ष्य के अनुरुप विभाग ने कार्य किया है. पिछले वर्ष 2100 मिट्रिक टन तसर का उत्पादन हुआ है. कोल्हान में भी काफी अच्छा तसर उत्पादन हुआ है. उन्होंने कहा कि किसानों से सरकारी दर पर तसर की खरीदारी हो रही है. अगले वर्ष तसर की खेती के लिए बीज की कमी नहीं होगी. विभाग ने इसकी व्यवस्था कर ली है. राज्य में उत्पादन बढ़ाने के लिए तसर किसानों को प्रशिक्षण दे कर दक्ष बनाया जा रहा है.

अधिकारियों ने किया ग्रेनेज का निरीक्षण

रेशम विभाग के निदेशक उदय प्रताप के साथ अधिकारियों ने ग्रेनेज, कोकून बैंक, पीपीसी आदी का निरीक्षण किया. इस दौरान आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किया. मौके पर मुख्य रूप से उप उद्योग निदेशक निरंजन तिर्की, सहायक उद्योग निदेशक (मुख्यालय) अनिल कुमार, सहायक उद्योग निदेशक (कोल्हान) अशोक प्रियदर्शी, तसर वैज्ञानिक डॉ ज्योत्सना तिर्की, खरसावां पीपीओ सुनील कुमार शर्मा, सहायक अधीक्षक प्रदीप महतो, हाट गम्हरिया पीपीओ अनुपम कुमार सिन्हा, गोइलकेरा पीपीओ कृष्णानंद यादव, चाईबासा पीपीओ कृष्णकांत यादव, चांडिल व घाटशिला पीपीओ श्रवण कुमार, झरखंड रेशम तकनीकी विकास संस्थान के प्राचार्य शिवकुमार उपस्थित थे.

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