सुहागिनों ने बरगद के पेड़ में बांधा धागा, मांगा अखंड सौभाग्य का वर

महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे सावित्री-सत्यवान की सुनी कथा

साहिबगंज

सुहागिन महिलाएं शनिवार की सुबह अमर सुहाग की कामना को लेकर वट सावित्री की पूजा की. हर साल ज्येष्ठ माह में अमावस्या के दिन यह पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री का व्रत रखती हैं. मान्यता है कि जो स्त्री इस व्रत को सच्ची निष्ठा से करतीं है, उसे न सिर्फ पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि उसके पति पर आयी सभी परेशानियां भी दूर हो जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता सावित्री व्रत पूजन के जरिये अपने पति के प्राणों को यमराज से छुड़ाकर ले आयी थी. इस व्रत का महिलाओं के बीच विशेष महत्व है. सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष (बरगद का पेड़) में कच्चा धागा को लपेटकर वट सावित्री की पूजा करती है. शहर के पटेल चौक, गांधी चौक, भरतिया कॉलोनी, टमटम स्टैंड, पुलिस लाइन मंदिर, पुलिस लाइन कैंपस, गांधी चौक समीप, चौक बाजार, चानन, बड़तल्ला, तालबन्ना, साउथ कॉलोनी, झरना कॉलोनी, गोड़ाबाड़ी हाट परिसर, महादेवगंज में वट वृक्ष के पास महिलाओं ने वट सावित्री की पूजा की.

वट सावित्री पूजा को लेकर बाजार में रही चहल-पहल

साहिबगंज. वट सावित्री पूजा को लेकर बाजार में विशेष रौनक दिखी. दिनभर सुहागन महिलाएं पूजन सामग्री की खरीदारी की. फल, सूप व डाला के कीमतों में उछाल के बावजूद महिलाओं में आस्था भारी दिखी. शहर के चौक बाजार, कॉलेज रोड, पुलिस लाइन में खरीदारी की. सुहागन महिलाएं पति की दीघार्यु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखी और बरगद के पेड़ की पूजा करके परिक्रमा की. फल की कीमतों में भी आंशिक उछाल देखा गया. केला, सेब, लीची की कीमत अधिक देखी गयी. पंखा 30 से 60 रुपये प्रति पीस की दर से बिका तो डाला 60 से 100 रुपये प्रति पीस बिका.

वट वृक्ष के मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु तथा अग्रभाग में शिव का होता है वास : प्रदुमन पांडे

पुरोहित प्रदुमन पांडे ने बताया कि हिंदू शास्त्रों में वट वृक्ष के मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु तथा अग्रभाग में शिव का वास माना गया है. वट वृक्ष यानी बरगद का पेड़ देव वृक्ष माना जाता है. देवी सावित्री भी वृक्ष में निवास करती हैं. वट वृक्ष के नीचे सावित्री ने अपने पति को पुनः जीवित किया था, तब से यह व्रत वट सावित्री के नाम से जाना जाता है. इस दिन विवाहित स्त्रियां अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए वट वृक्ष की पूजा करती हैं. वृक्ष की परिक्रमा करते समय 108 बार कच्चा धागा वृक्ष में लपेटा जाता है. महिलाएं सावित्री सत्यवान की कथा सुनतीं हैं. सावित्री की कथा सुनने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. पति के संकट दूर होते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abdhesh singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >