छात्रों की परेशानी बढ़ा रही सरकार, फैसले पर हो पुनर्विचार

कॉलेजों में लागू किये गये क्लस्टर सिस्टम पर छात्रों ने जतायी चिंता, बोले छात्र नेता

साहिबगंज. झारखंड सरकार द्वारा कॉलेजों में लागू किया जा रहा क्लस्टर सिस्टम छात्रों के बीच चिंता का विषय बन गया है. सरकार इसे शिक्षा सुधार की दिशा में एक कदम बता रही है लेकिन छात्र संगठनों का कहना है कि यह व्यवस्था सुविधा देने की बजाय परेशानियां बढ़ाने वाली साबित होगी. छात्र नेता कुमार दीपांशु ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. इस प्रणाली के तहत अलग अलग कॉलेजों में अलग अलग विषय पढ़ाए जायेंगे. इसका मतलब यह होगा कि किसी छात्र को एक विषय अपने कॉलेज में और दूसरे विषय के लिए किसी अन्य कॉलेज में जाना पड़ेगा. छात्रों का कहना है कि यह व्यवस्था सुनने में भले ही आधुनिक लगे लेकिन जमीनी स्तर पर यह बेहद कठिन साबित होगी. खासकर उन विद्यार्थियों के लिए जो ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से पढ़ाई करने आते हैं और लंबा सफर तय करते हैं. छात्र नेता ने कहा कि झारखंड में पहले से ही परिवहन और सुरक्षा की समस्याएं मौजूद हैं. ऐसे में दिन में कई कॉलेजों के चक्कर लगाना छात्रों की पढ़ाई पर नकारात्मक असर डालेगा. छात्राओं के लिए यह और भी चुनौतीपूर्ण स्थिति होगी. उन्होंने यह भी कहा कि कई छात्र पढ़ाई के साथ छोटे मोटे काम करके अपना खर्च चलाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले को लागू करने से पहले छात्रों और शिक्षकों की राय नहीं ली गई. जबकि शिक्षा से जुड़े किसी भी निर्णय का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है. छात्र नेता ने स्पष्ट किया कि वे सुधार के विरोधी नहीं हैं लेकिन ऐसी व्यवस्था के पक्ष में नहीं हैं जो छात्रों को असुविधा में डाल दे. उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAKESH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >