भोगनाडीह में सिदो-कान्हू के वंशज ने की पूजा,युवाओं को दिया बड़ा संदेश

भोगनाडीह में सिदो-कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू ने मांझीथान में की पूजा. आदिवासी संस्कृति बचाने व युवाओं को महापुरुषों के मार्ग पर चलने का आह्वान.

प्रतिनिधि, बरहेट. अमर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू के वंशज मंडल मुर्मू ने रविवार को अपनी धर्मपत्नी के साथ भोगनाडीह स्थित पारंपरिक मांझीथान में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार मंडल मुर्मू ने मांझीथान में माथा टेका और प्रकृति एवं ईष्ट देवों का आशीर्वाद लिया.

पूजा-अर्चना के दौरान उन्होंने पूरे क्षेत्र और संथाल समाज की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. पारंपरिक मांझीथान में पूजा के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश भी दिया गया.

मांझीथान संथाल समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र

पूजा के बाद मंडल मुर्मू ने कहा कि मांझीथान संथाल समाज की आस्था, संस्कृति और परंपरा का सर्वोच्च केंद्र है. यह स्थान समाज की पारंपरिक मान्यताओं और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है.

उन्होंने कहा कि संथाल समाज की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की जरूरत है.

युवाओं से महापुरुषों के मार्ग पर चलने की अपील

मंडल मुर्मू ने युवाओं से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज के महापुरुषों के दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए और उनकी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में भूमिका निभानी चाहिए.

उन्होंने पूरे क्षेत्र में सुख, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए समाज में एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना बनाए रखने पर जोर दिया.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vikash Jaiswal

विकास जायसवाल तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। जनसरोकार, खोजी खबरों, सामाजिक मुद्दों, क्राइम और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने में अनुभवी हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >