100 मजदूरों के लक्ष्य पर महज 4 से 27 को काम, सात रोजगार सेवकों से जवाब-तलब

विकास योजनाओं की धीमी प्रगति, 100 मजदूरों के लक्ष्य पर 4-27 को काम. ई-केवाइसी, जियो टैगिंग भी लंबित. प्रशासन सख्त, जवाब तलब.

तालझारी : प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में विकास और रोजगार योजनाओं की खराब प्रगति को लेकर प्रखंड प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. बीडीओ ने समीक्षा बैठक और विभागीय निर्देशों की अनदेखी के आरोप में सात रोजगार सेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. सभी से 24 घंटे के भीतर बिंदुवार और साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उच्चाधिकारियों से दंडात्मक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जायेगी.

100 मजदूरों के लक्ष्य के मुकाबले 4 से 27 को ही मिला काम

समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई पंचायतों में प्रतिदिन 100 मजदूरों को रोजगार देने के लक्ष्य के मुकाबले मात्र 4 से 27 मजदूरों को ही काम दिया गया. जुलाई में मानव दिवस सृजन की उपलब्धि भी कई पंचायतों में 7 से 25.5 प्रतिशत तक रही.

ई-केवाइसी और आफ्टर जियो टैगिंग भी लंबित

वहीं सक्रिय श्रमिकों का ई-केवाइसी और पूर्ण योजनाओं की आफ्टर जियो टैगिंग का कार्य भी लंबित पाया गया. खराब प्रगति और लंबित कार्यों को लेकर प्रशासन ने संबंधित रोजगार सेवकों से स्पष्टीकरण मांगा है.

इन सात रोजगार सेवकों को जारी हुआ नोटिस

नोटिस पानेवालों में बाकुड़ी की मेरी टुडू, बड़ी भगियामारी के मनोज कुमार दुबे, भतभंगा संथाली के अरुण कुमार उपाध्याय, वृंदावन की रेणुकला, कल्याणी की रेणुका कुमारी रजक, मोतीझरना की सबीना प्रवीन और सालगाछी संथाली के पंकज मोहन शामिल हैं.

‘रोजगार उपलब्ध कराने में कोताही बर्दाश्त नहीं’

सीओ सह बीडीओ राम सुमन प्रसाद ने कहा कि ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.


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लेखक के बारे में

By सुनील ठाकुर

साहिबगंज : सुनील ठाकुर वर्ष 1999 से प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने एक वर्ष तक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए भी कार्य किया है. शिक्षा, अपराध और संताल परगना में पहाडिया जनजाति जैसे विषयों पर उनकी विशेष पकड़ रही है तथा इन मुद्दों पर लगातार रिपोर्टिंग करते रहे हैं. कला, संस्कृति एवं साहित्य में उनकी गहरी रुचि है. वर्ष 2006 से साहिबगंज में जिला संवाददाता व ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं.

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