फोरलेन निर्माण के अधिग्रहण में टूटे हुए विद्यालय को नहीं मिला भवन
राजमहल.
फोरलेन सड़क निर्माण कार्य के दौरान राजमहल प्रखंड क्षेत्र के गुनिहारी पंचायत अंतर्गत प्रावि बेगमपुरा विद्यालय का अधिग्रहण किया गया था. इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय घाट सलेमपुर भवन का भी अधिग्रहण हुआ. हालांकि, कुछ ही दिनों बाद घाट सलेमपुर के लिए नए स्थल पर भवन निर्माण कराकर पठन-पाठन सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया. लेकिन प्रावि बेगमपुरा का भवन पिछले दो वर्षों से अब तक नहीं बन पाया है. वर्तमान में विद्यालय का संचालन पोषक क्षेत्र से लगभग एक किलोमीटर दूर एक आंगनबाड़ी केंद्र के एक कमरे और बरामदे में किया जा रहा है. भू-अर्जन विभाग द्वारा अधिग्रहण के एवज में मुआवजा राशि विद्यालय प्रशासन को उपलब्ध करा दी गयी है, फिर भी नए भवन निर्माण के लिए अब तक जमीन का चयन नहीं हो सका है. वहीं, बेगमपुरा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय को अस्थायी रूप से करीब एक किलोमीटर दूर मध्य विद्यालय मिर्ची बाजार में मर्ज कर दिया गया है और आंगनबाड़ी भवन में ही इसका संचालन किया जा रहा है. एक ही भवन में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. प्राथमिक विद्यालय बेगमपुरा में कुल 157 बच्चे नामांकित हैं. प्रधानाध्यापक उज्ज्वल कुमार घोष ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से विद्यालय का संचालन मिर्ची बाजार में हो रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि 12 फरवरी को बीडीओ को भवन निर्माण के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक जमीन चिह्नित नहीं की गयी है. दो वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भवन निर्माण शुरू नहीं होने से विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
कहते हैं परियोजना बीपीओ :
वरीय पदाधिकारियों को लिखित सूचना दे दी गयी है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा भी बीडीओ को आवेदन दिया जा चुका है. अब तक जमीन चिह्नित नहीं होने के कारण विद्यालय भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है.
– कुणाल कुमार, परियोजना बीपीओ, राजमहल.
कहते प्रबंधन समिति अध्यक्ष :
बेगमपुरा विद्यालय का अधिग्रहण हुए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नयी जमीन चिह्नित नहीं की गयी है. फिलहाल बेगमपुरा से मीरजी बाजार में पठन-पाठन कराया जा रहा है. एक ही स्थान पर आंगनबाड़ी एवं स्कूल का संचालन होने से बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
– सद्दाम शेख, अध्यक्ष, विद्यालय प्रबंधन समिति.
कहते हैं पोषक क्षेत्र के वार्ड सदस्य :
इस संबंध में प्रधानाध्यापक द्वारा बीडीओ को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक जमीन उपलब्ध नहीं करायी जा सकी है. बच्चों को विद्यालय जाने में काफी परेशानी होती है. छोटे बच्चे कभी-कभी विद्यालय नहीं जा पाते हैं. इससे बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है.
– विष्णु चौधरी, वार्ड सदस्य, विद्यालय पोषक क्षेत्र.
कहते हैं बीडीओ सह सीओ :
यह मामला शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ है और इसकी विस्तृत जानकारी वहीं से प्राप्त की जा सकती है. इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
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