संजीव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पंकज मंडल भागलपुर से गिरफ्तार

संजीव हत्याकांड का मुख्य आरोपी पंकज मंडल भागलपुर से गिरफ्तार

प्रतिनिधि, साहिबगंज:

कॉलेज रोड में 4 मई को हुए कारोबारी संजीव कुमार साह उर्फ गुड्डू साह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी पंकज मंडल को बिहार के भागलपुर से गिरफ्तार कर लिया है. इस संबंध में मंगलवार को सदर एसडीपीओ किशोर तिर्की ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी. एसडीपीओ ने बताया कि एसपी अमित कुमार के निर्देश पर गठित एसआइटी लगातार छापामारी कर रही थी. इसी क्रम में सूचना मिली कि हत्याकांड का मास्टरमाइंड पंकज मंडल भागलपुर में छिपा हुआ है. सूचना के आधार पर पुलिस ने स्थानीय थाना की मदद से उसके रिश्तेदार के घर छापामारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. एसडीपीओ ने बताया कि इससे पूर्व भी मनीष कुमार मंडल, कुश कुमार मंडल, विनोद कुमार तांती, छांगुरी मंडल और गोबिंद मंडल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. छापेमारी दल में नगर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता, एसआई अनिश पांडे, प्रदीप कुमार महतो, टाइगर मोबाइल के अभिषेक राज, अंकुर कुमार और मंटू यादव शामिल थे.

विवाहित महिला से था प्रेम संबंध, दूरी बढ़ी तो संजीव पर हुआ शक:

प्रेस वार्ता में एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान पंकज मंडल ने कई अहम खुलासे किए हैं. उसने स्वीकार किया कि उसका एक विवाहित महिला से प्रेम संबंध था, जो उसके घर के पास ही रहती थी. उसने महिला पर करीब आठ लाख रुपये खर्च किए थे. बाद में जब महिला ने उससे दूरी बनानी शुरू की, तो वह संजीव कुमार साह पर शक करने लगा कि वह उनके बीच हस्तक्षेप कर रहा है. घटना से कुछ दिन पूर्व संजीव पटना में एक शादी में गए थे, वहीं महिला भी साहिबगंज से बाहर गई थी लेकिन पंकज को मोकामा जाने की जानकारी दी थी, जबकि वह बाढ़ गई थी. इसके बाद उसने पंकज को ब्लॉक कर दिया. इस घटनाक्रम से पंकज बेहद आहत हुआ और उसके मन में संजीव के खिलाफ गुस्सा घर कर गया.

हत्या के लिए खरीदा था हथियार:

एसडीपीओ ने बताया कि पंकज ने वारदात को अंजाम देने के लिए मुंगेर जाकर 50 हजार रुपये में एक पिस्टल और 51 जिंदा कारतूस खरीदे थे. हथियार की टेस्टिंग के दौरान उसने सात राउंड फायरिंग की थी. इसके बाद घटना में एक देसी कट्टा भी इस्तेमाल किया गया, जो गिरफ्तार अभियुक्तों में से किसी एक ने उपलब्ध कराया था.

जांच में संजीव का कोई दोष नहीं मिला:

एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि संजीव कुमार साह का उक्त महिला से कोई संबंध नहीं था. कॉल डिटेल्स की जांच में भी ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला कि दोनों के बीच कोई संपर्क था.

भागलपुर में ससुराल के पास छिपा था पंकज:

पुलिस पंकज की लगातार निगरानी कर रही थी. वह विभिन्न सिम कार्ड बदल-बदल कर छिपता रहा. भागलपुर में ससुराल के पास उसके एक अन्य रिश्तेदार के घर में छिपे होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने वहां छापामारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के वक्त वह भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया.

पैदल ले जाने पर मची अफरा-तफरी:

प्रेस वार्ता के बाद पंकज को न्यायालय ले जाते समय पुलिस वाहन खराब हो गया. इसके बाद उसे पूरी फाटक से सुभाष मोड़ होते हुए आजाद नगर तक पैदल ही ले जाया गया. यह दृश्य देख राहगीरों की भीड़ उमड़ पड़ी. थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता ने बताया कि वाहन में तकनीकी खराबी के चलते यह निर्णय लिया गया.

संजीव व उसके दोस्त को पूर्व में दी थी धमकी:

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पंकज और संजीव के बीच पहले भी पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हो चुका था. पंकज ने संजीव और उसके दोस्त को पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी. यह जानकारी उसने अन्य लोगों को भी दी थी, जिसकी पुष्टि पुलिस जांच में हुई है.

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खुलासा. प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ ने दी जानकारी, प्रेमिका पर शक में घटना को दिया अंजाम

पुलिस वाहन में आयी तकनीकी खराबी, हत्य

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Author: SUNIL THAKUR

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