मंडरो
प्रखंड अंतर्गत मिर्जाचौकी स्थित प्रसिद्ध वन देवी रक्सी स्थान में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा-अर्चना के लिए उमड़ती है. दूर-दराज से आने वाले भक्त यहां मां वन देवी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. हालांकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित सामुदायिक शौचालय के बंद रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के अनुसार 15वें वित्त आयोग की राशि से पंचायत समिति फंड के माध्यम से लगभग ढाई लाख रुपये की लागत से यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था. लेकिन विडंबना यह है कि शौचालय में अधिकांश समय ताला लगा रहता है, जिसके कारण इसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ ही नहीं उठा पा रहे हैं. उनका मानना है कि संबंधित जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि पूजा-अर्चना के लिए आने वाले भक्तों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें.
क्या कहते हैं मुखियारक्सी स्थान उनके पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आता है और यहां का सौंदर्यीकरण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुलभ सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है. यदि सामुदायिक शौचालय का निर्माण होने के बावजूद वह बंद है, तो इसकी जानकारी प्रखंड के वरीय पदाधिकारियों को दी जायेगी. शौचालय को नियमित रूप से खुलवाने का प्रयास किया जायेगा.
संजय टुडू, मुखिया, बड़तल्ला पंचायतसाहिबगंज जिले के मंडरो प्रखंड अन्तर्गत मिर्जाचौकी स्थित वन देवी रक्सी स्थान में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हजारों हजारों की संख्या में पूजा अर्चना हेतु भक्तों का भीड उमड पड़ती है लेकिन यहां पर किन्हीं को शौचालय की आवश्यकता पड़ जाए तो उन्हें काफी परेशानी होती है हालांकि 15वें वित्त आयोग से पंचायत समिति फंड के माध्यम से यहां पर सामुदायिक शौचालय निर्माण का निर्माण लगभग ढाई लाख रुपए की लागत से कराया गया है. लेकिन इस शौचालय में अक्सर ताला लगा रहता है जिसके कारण शौचालय का कोई उपयोग हि नहीं हो पा रहा है. आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है. और इस शौचालय की बनाए जाने क्या मुख्य कारण क्या है. जबकि इस शौचालय का श्रद्धालु उपयोग ही ना कर पाए और और हमेशा तला ही लग रहे तो इतने रुपए की लागत से बनाया गया सामुदायिक शौचालय किस काम की. इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि रक्सी स्थान पूजा अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं को सुलभ शौचालय की व्यवस्था मिल सके.
