प्रतिनिधि, बरहरवा: पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत साहिबगंज जिले के बरहरवा प्रखंड में पुराने तालाबों और पोखरों के जीर्णोद्धार की पहल की गयी है. जल संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा बेहतर करने के उद्देश्य से भूमि संरक्षण विभाग के माध्यम से तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना पर जोर दिया जा रहा है.
पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक निसात आलम ने इस संबंध में संबंधित विभाग को पत्र भेजकर जनहित में आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की है.
कई गांवों के तालाबों के जीर्णोद्धार की अनुशंसा
विधायक की ओर से भेजे गये पत्र में बरहरवा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्थित तालाब और पोखरों के जीर्णोद्धार का उल्लेख किया गया है.
सूची में ग्रामसीर, रानीग्राम, थोपग्राम, कोटालपोखर और चापुजान में स्थित पोखरों के जीर्णोद्धार की अनुशंसा भी की गयी है.
जल संचयन और सिंचाई में मिलेगी मदद
पत्र में विधायक ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए सूचीबद्ध सरकारी तालाबों और पोखरों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार कराने का आग्रह भूमि संरक्षण विभाग से किया है.
तालाबों के जीर्णोद्धार से बारिश के पानी का बेहतर संचयन होने के साथ सिंचाई व्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है. इससे आसपास के ग्रामीणों को जल संरक्षण और कृषि कार्यों में सुविधा मिल सकती है.
पुराने जलस्रोतों को फिर से उपयोगी बनाने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने तालाब और पोखर जल संरक्षण के महत्वपूर्ण स्रोत माने जाते हैं. इनके जीर्णोद्धार से जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है.
विभागीय स्तर पर पहल आगे बढ़ने पर बरहरवा क्षेत्र के चिह्नित गांवों में पुराने जलस्रोतों को फिर से उपयोगी बनाने का काम शुरू हो सकेगा.
