बरहरवा प्रखंड सह अंचल मुख्यालय में शेरशाहवबादी डेवलपमेंट सोसाइटी द्वारा शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर 4 मई से किये जा रहे धरना प्रदर्शन के सातवें दिन रविवार को सोसाइटी के सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जतायी. सोसाइटी के सदस्य सह मुखिया मोहम्मद इश्तियाक ने शेरशाहबादी समुदाय को जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने के संबंध में सोसाइटी का पक्ष रखा और कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि तथा प्रशासन समुदाय को नजरअंदाज कर रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. शेरशाहबादी समुदाय के लोग झारखंड में केवल पाकुड़ और साहिबगंज जिले में ही निवास करते हैं. इसके अलावे समुदाय के लोग बिहार के सीमांचल और बंगाल के मालदा तथा मुर्शिदाबाद जिले में हैं. बंगाल और बिहार में समुदाय के शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र मिलता है. लेकिन, झारखंड में हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है. शनिवार को बरहरवा बीडीओ और सीओ वार्ता के लिये आये थे, लेकिन उन्होंने शेरशाहबादी समुदाय को जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने में अपनी असमर्थता जतायी. 2014 से पूर्व हमारे समुदाय को शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता था. उन्होंने साहिबगंज उपायुक्त से आग्रह करते हुये कहा कि डीसी द्वारा धरना के दौरान ही एक कमेटी का गठन कर मामले की जांच हेतु कमेटी को शेरशाहबादी समुदाय के लोगों के बीच जाकर वस्तुस्थिति से अवगत होना चाहिये था. वहीं, इसके अलावा उन्होंने समुदाय की ओर से राजमहल सांसद, पाकुड़ विधायक, राजमहल विधायक और झामुमो नेता प्रोफेसर नजरूल इस्लाम से धरना प्रदर्शन में पहुंचकर अपना समर्थन देने की मांग की है. समुदाय के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुये कहा कि अगर प्रशासन उनकी मांग नहीं मानती है तो पूरे शेरशाहबादी समुदाय के लोग बकरीद का त्योहार नहीं मनायेंगे और धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे. मौके पर आजमाइल शेख, शकील अहमद, तोफाइल शेख, अब्दुर रकीब, ज़ुल्लू रहमान, नूर नोबी, मोफिजुल हक, जावेद अख्तर, मसूद आलम सहित अन्य मौजूद थे.
मांगे पूरी नहीं हुई तो शेरशाहबादी समुदाय नहीं मनायेगा बकरीद
शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी के सदस्यों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा

साहिबगंज (फाइल फोटो)