आर्ट्स में राधानगर की रेशमी कुमारी बनी साहिबगंज टॉपर, पांच किलोमीटर साइकिल से जाती थी स्कूल

JAC Inter Result: साहिबगंज की रेशमी कुमारी ने इंटर आर्ट्स में 455 अंक लाकर जिला टॉपर बनी. रोज 5 किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल पहुंचने वाली रेशमी ने कठिन परिस्थितियों में सफलता पाई. एसडीएम बनकर सेवा करने का सपना रखने वाली रेशमी की कहानी पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

साहिबगंज से मो इरशाद की रिपोर्ट

JAC Inter Result: झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) की ओर से बुधवार को घोषित इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में प्लस टू उच्च विद्यालय राधानगर की छात्रा रेशमी कुमारी ने आर्ट्स संकाय में 455 अंक हासिल कर जिला टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.

पांच किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचती थी स्कूल

रेशमी कुमारी बरहरवा प्रखंड के कमालपुर बेलडांगा गांव की निवासी हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी. वह रोजाना लगभग पांच किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल जाती थीं. कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनकी लगन और मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. यह सफलता उनके संघर्ष और समर्पण की कहानी बयां करती है.

साधारण परिवार से निकलकर रचा इतिहास

रेशमी के पिता रवि रमानी एक किसान हैं, जबकि उनकी माता कल्पना देवी गृहणी हैं. आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने के बावजूद रेशमी ने कभी अपनी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया. परिवार ने भी हर संभव सहयोग देकर उनकी पढ़ाई को जारी रखा. उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती.

एसडीएम बनकर करना चाहती हैं सेवा

रेशमी कुमारी का सपना आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में जाना है. वह शिक्षा विभाग में एसडीएम बनकर समाज और देश की सेवा करना चाहती हैं. उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया.

विद्यालय को भी हुआ गर्व

प्लस टू उच्च विद्यालय राधानगर के प्रधानाध्यापक रवि कुमार मिश्रा ने रेशमी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि यह न केवल विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है. रेशमी की सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.

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क्षेत्र में खुशी और प्रेरणा का माहौल

रेशमी कुमारी की इस सफलता से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है. लोग उनकी मेहनत और संघर्ष की सराहना कर रहे हैं. उनकी कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत जारी रहे, तो सफलता जरूर मिलती है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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