शेरशाहबादी डेवलपमेंट सोसाइटी के आंदोलन को पूर्व विधायक अकिल अख्तर व भाजपा नेत्री मिस्फिका हसन का मिला समर्थन
गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा
बरहरवा
प्रखंड सह अंचल मुख्यालय में शेरशाहबादी जाति प्रमाण पत्र पुनः निर्गत करने की मांग को लेकर शेरशाहाबादी डेवलपमेंट सोसाइटी के द्वारा जारी अनिश्चितकालीन धरना के दसवें दिन बुधवार को आंदोलन को राजनीतिक समर्थन मिला. जहां पाकुड़ के पूर्व विधायक एवं एआइएमआइएम नेता अकिल अख्तर तथा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मिस्फिका हसन धरनास्थल पहुंचीं और आंदोलन को अपना समर्थन दिया. वहीं, धरनास्थल पहुंचने पर आंदोलनकारियों ने दोनों नेताओं का स्वागत किया. इस दौरान दोनों नेताओं ने आंदोलनकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और उनकी मांगों को जायज बताया. पूर्व विधायक अकिल अख्तर ने कहा कि शेरशाहबादी समुदाय वर्षों से अपने अधिकार के लिये संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रहा है. उन्होंने कहा कि मैं जब विधायक था, तब मेरे कार्यकाल के अंतिम दिनों में यह प्रमाण पत्र मिलना बंद हुआ था. वहीं, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री मिस्फिका हसन ने कहा कि किसी भी समुदाय को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित रखना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि शेरशाहबादी समाज के छात्र-युवा शिक्षा और रोजगार में आरक्षण के लाभ से वंचित हो रहे हैं, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिये. मौके पर मुखिया मो इश्तियाक, मो अजमईल, तोफाइल शेख, मो नवाज, महबूब आलम, सोलेमान शेख, वसीम अकरम, महमूद आलम, मो मोसब्बर, सरफराज अहमद, जहीर शेख, इम्तियाज आलम सहित अन्य मौजूद थे.