साइबर अपराध का बढ़ता जाल, हर वर्ग पर खतरा

व्यापारी से लेकर बाइक मिस्त्री तक से लाखों की ठगी

साहिबगंज

जिले में साइबर अपराध तेजी से बढ़ता जा रहा है और यह आम लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है. पहले अपराध के पारंपरिक तरीके ज्यादा देखने को मिलते थे, लेकिन अब डिजिटल माध्यमों से ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. साइबर अपराधी नये-नये तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं. वे कभी सरकारी योजनाओं का झांसा देते हैं. कभी ऑनलाइन ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का लालच दिखाते हैं. कभी तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर सीधे बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं. हाल ही में सामने आये तीन मामलों ने साफ कर दिया है कि ठग अब हर वर्ग को निशाना बना रहे हैं. चाहे वह कारोबारी हो, मध्यम वर्ग का व्यक्ति हो या मजदूर. पुलिस और प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद ठगी की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं. यह स्थिति लोगों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी है.

केस स्टडी – एक : कारोबारी से 80 लाख की ठगी

शहर के कारोबारी सुनील कुमार भारतीय से साइबर अपराधियों ने हाउस अरेस्ट का डर दिखाकर 80 लाख 09 हजार 974 रुपये की ठगी कर ली. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह के निर्देश पर एसआइटी का गठन किया गया. तकनीकी जांच और बैंक ट्रेल के आधार पर उत्तर प्रदेश के चंदौली से दो आरोपी अनुराग दुबे और अंकित दुबे को गिरफ्तार किया गया. जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित बैंक खाते में एक ही दिन में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ, जो एक बड़े गिरोह की ओर इशारा करता है.

केस स्टडी – दो : ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 20 लाख से अधिक की ठगी

तालबन्ना निवासी विनय कुमार केसरी को ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर ठगों ने 20 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया. ह्वाट्सएप कॉल के जरिये संपर्क कर पहले मुनाफा दिखाया गया, फिर अलग-अलग बहानों कमीशन, वेरिफिकेशन फीस, क्रेडिट स्कोर के नाम पर लगातार पैसे वसूले गये. अंत में जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो सभी आरोपी फरार हो गये.

केस स्टडी – तीन : बाइक मिस्त्री के खाते से 64 हजार की ठगी

शहर के कुलीपाड़ा के बाइक मिस्त्री मोहम्मद गुलशाद के खाते से 64 हजार रुपये की साइबर ठगी कर ली गयी. पीड़ित के अनुसार, 30 अप्रैल को अचानक उनका मोबाइल काम करना बंद कर दिया. बाद में फोन को दोबारा इंस्टॉल करने पर पता चला कि उनके खाते से एकमुश्त 64 हजार रुपये की अवैध निकासी हो चुकी है. खास बात यह रही कि न तो उनसे कोई ओटीपी मांगा गया और न ही उन्होंने कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड किया.

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त अपील

इन घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

प्रशासन ने स्पष्ट कहा है. किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें.

ओटीपी बैंक डिटेल या निजी जानकारी किसी से साझा न करें. किसी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें.

लालच या डर दिखाने वाले कॉल से सावधान रहें. साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है.

क्या कहते हैं डीएसपी

जिले में पुलिस विभाग द्वारा लगातार जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, उन्होंने बताया कि पहले अपराध के तरीके अलग हुआ करते थे. लेकिन अब डिजिटल माध्यम से अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं. लोगों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जो भी मामले पुलिस के पास दर्ज हो रहे हैं, उन सभी को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है. कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी करे, उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है.

विजय कुमार कुशवाहा, डीएसपी मुख्यालय

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Published by: Abdhesh singh

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