मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया अपने कार्यों के चलते अभियंताओं के आदर्श बने : इइ
साहिबगंज
गंगा पंप नहर कार्यालय सभागार में सोमवार को अभियंता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न और महान अभियंता मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की गयी. इस अवसर पर मुख्य अतिथि ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता देवी लाल हांसदा, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता रमाकांत, गंगा पंप नहर के कार्यपालक अभियंता प्रेम कुमार सोरेन समेत विभिन्न विभागों के सहायक अभियंता उपस्थित थे. मुख्य अतिथि देवी लाल हांसदा ने कहा कि विश्वेश्वरैया ने अपनी योग्यता और प्रतिभा से इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी. उन्होंने कम संसाधनों में भी एशिया का सबसे बड़ाबांध बनाकर देश का गौरव बढ़ाया. अभियंता दिवस मनाने का उद्देश्य इंजीनियरों को प्रेरित करना और समाज निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित करना है. अन्य अभियंताओं ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि विश्वेश्वरैया का जीवन संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई जारी रखी. देश के महान अभियंता बने. वे 1932 में कृष्ण राजा सागर बांध निर्माण के मुख्य अभियंता थे. उस समय सीमेंट उपलब्ध न होने पर भी उन्होंने अपनी तकनीकी सूझबूझ से “मोर्टार” तैयार कराया, जो सीमेंट से अधिक मजबूत साबित हुआ. कार्यक्रम में अभियंताओं ने संकल्प लिया कि वे विश्वेश्वरैया के आदर्शों पर चलकर देश व समाज के विकास में अपना योगदान देंगे. मौके पर कार्यपालक अभियंता रमाकांत , प्रेम कुमार सोरेन, सहायक अभियंता चेतन कुमार, शिवनंदन मंडल, सुभाष टुडू आदि मौजूद थे.
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