वीर शहीदों को विधायक हेमलाल और स्टीफन मरांडी ने दी श्रद्धांजलि प्रभात खबर टोली, पाकुड़ अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती पर शनिवार को जिले के लिट्टीपाड़ा, पाकुड़िया, महेशपुर एवं हिरणपुर सहित विभिन्न प्रखंडों में राजनीतिक गर्माहट के साथ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इस दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों के लोगों ने उनकी प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और हूल विद्रोह के वीरों को नमन किया. लिट्टीपाड़ा में विधायक हेमलाल मुर्मू ने लिट्टीपाड़ा चौक स्थित सिदो-कान्हू एवं तिलका मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया. वहीं पाकुड़िया में विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने सिदो-कान्हू चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि 1855 के संथाल हूल विद्रोह ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष को नई दिशा दी. उन्होंने उनके बलिदान को आदिवासी राजनीति का प्रेरणास्रोत बताया. महेशपुर में बीडीओ डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव एवं सीओ संजय कुमार सिन्हा ने रोलाग्राम में प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. वहीं झामुमो प्रखंड कार्यालय में भी कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम आयोजित कर उनके बलिदान को याद किया. हिरणपुर के रामनाथपुर में बीडीओ दिलीप टुडू एवं सीओ मनोज कुमार ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने सिदो-कान्हू के संघर्ष एवं आदिवासी समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का सियासी संकल्प लिया.
सिदो-कान्हू जयंती पर आदिवासी अस्मिता का प्रदर्शन
अमर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती पर पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा, पाकुड़िया, महेशपुर, हिरणपुर सहित कई प्रखंडों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। विधायक हेमलाल मुर्मू और स्टीफन मरांडी ने उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने 1855 के संथाल हूल विद्रोह को अंग्रेजी शासन के खिलाफ महत्वपूर्ण संघर्ष बताया। बीडीओ और प्रशासनिक अधिकारी भी विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। झामुमो प्रखंड कार्यालय में भी उनके बलिदान को याद किया गया। वक्ताओं ने सिदो-कान्हू के संघर्ष और आदिवासी समाज के उत्थान में उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का सियासी संकल्प लिया। इस कार्यक्रम से आदिवासी राजनीति और समाज को नई प्रेरणा मिली।
