प्रतिनिधि, राजमहल: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने विभिन्न लंबित मांगों को लेकर एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की. इसका असर राजमहल अनुमंडल मुख्यालय में भी देखने को मिला, जहां भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे.
बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से कई शाखाओं में सामान्य बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहा. कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की मांग की.
5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग
बैंक कर्मियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग प्रमुखता से उठायी.
कर्मचारियों ने बताया कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच हुए समझौते के अनुसार प्रतिदिन काम के समय में 40 मिनट की वृद्धि कर सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए लंबित है.
बैंक कर्मियों ने इस प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देकर पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की.
PLI में असमानता खत्म करने की मांग
हड़ताल के दौरान परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) व्यवस्था में असमानता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया.
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्था में उच्च अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए. यूनियनों ने द्विपक्षीय समझौते के आधार पर निष्पक्ष और समान प्रोत्साहन व्यवस्था लागू करने की मांग की.
पेंशन अपडेट और समान DA फॉर्मूला की मांग
बैंक कर्मचारियों ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का अद्यतनीकरण करने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला लागू करने की मांग भी उठायी.
इसके साथ ही NPS के तहत कार्यरत कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में शामिल होने का विकल्प देने की मांग की गयी.
खाली पदों पर जल्द हो पारदर्शी भर्ती
बैंक कर्मियों ने बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रिक्त पदों पर अविलंब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी रखी.
कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से कई मांगें लंबित हैं. इनका जल्द समाधान होने से कर्मचारियों के हितों के साथ बैंकिंग व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
बातचीत के बावजूद नहीं बनी बात
स्थानीय बैंक कर्मचारियों ने बताया कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और वित्त मंत्रालय के साथ लंबे समय से बातचीत चल रही है. इसके बावजूद मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के कारण संगठन की ओर से राष्ट्रव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया.
बैंक कर्मियों ने कहा कि लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगे भी आंदोलन का रास्ता अपना सकता है.
