भागलपुर-नवगछिया पुल बंद, गंगा पुल में देरी से बढ़ी परेशानी
साहिबगंज
भागलपुर-नवगछिया को जोड़ने वाला लाइफ लाइन पुल क्षतिग्रस्त होकर पूरी तरह बंद हो जाने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमरा गयी है. पुल के बंद होने का सीधा असर साहिबगंज, कटिहार, पूर्णिया समेत सीमांचल और आसपास के जिलों के लोगों पर पड़ा है. उत्तर बिहार जाने वाले लोगों को अब मजबूरी में मुंगेर के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों में बढ़ोतरी हो गयी है. ऐसी परिस्थिति में यदि साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल का निर्माण कार्य अपने निर्धारित समय एक नवंबर 2024 तक पूरा हो गया होता, तो आज यह पुल मजबूत वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करता. यह फोरलेन पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित करता और नवगछिया-भागलपुर पुल पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाती. लेकिन कार्य की धीमी गति के कारण अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गयी है, जिससे लोगों को तत्काल राहत नहीं मिल पा रही है. विभागीय जानकारी के अनुसार परियोजना का लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 15 प्रतिशत कार्य गंगा नदी के भीतर होना सबसे जटिल चरण है. मानसून और बढ़ते जलस्तर के कारण निर्माण कार्य में बाधाएं आना तय माना जा रहा है, जिससे समय सीमा और आगे बढ़ने की आशंका भी जतायी जा रही है. पुल के साथ-साथ कनेक्टिविटी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है. साहिबगंज जीरो माइल से नेशनल हाईवे तक जोड़ने वाली फोरलेन सड़क और पहाड़ के नीचे बनने वाली दो टनल का निर्माण अभी शुरू नहीं हो पाया है. हालांकि इसका डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम शुरू होना बाकी है. टनल निर्माण से पहले एक सर्विस सड़क विकसित करने की भी योजना है, जो बड़ा बेतौना से अंजुमन नगर होते हुए पश्चिम रेलवे फाटक आरओबी के रास्ते पटेल चौक तक जायेगी. इससे पुल से आने-जाने वाले लोगों को शहर, बाजार और रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी. वहीं, साहिबगंज-मनिहारी अंतरराज्यीय फेरी सेवा का बंद होना भी लोगों की परेशानी को और बढ़ा रहा है. यदि यह सेवा चालू रहती, तो वर्तमान संकट में यह महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग साबित होती और कटिहार-मनिहारी के बीच वाहनों का दबाव कम होता.
गंगा पुल निर्माण कार्य में तेजी, जल्द पूरा होने की उम्मीद
साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल का निर्माण कार्य तेज गति से जारी है. यह पुल साहिबगंज वासियों का वर्षों पुराना सपना है, जो अब साकार होने के करीब है. लगभग छह किलोमीटर लंबे इस पुल के लिए पिलर पर गार्डर सेगमेंट रखने सहित अन्य कार्य चल रहा है. निर्माण कर रही दिलीप बिल्डकॉन कंपनी ने अम्बाडीहा जीरो माइल तक सड़क कालीकरण पूरा कर लिया है. दोनों ओर पिलर के ऊपर लॉन्चर सेगमेंट, केबल तार लगाने का काम तीन चरणों में हो रहा है. पीएमओ द्वारा साप्ताहिक और मासिक मॉनिटरिंग की जा रही है. सामग्री की जांच और क्वालिटी लैब टेस्टिंग नियमित हो रही है. करीब दो हजार करोड़ रुपये से पुल और 500 करोड़ रुपये से एप्रोच पथ का निर्माण किया जा रहा है.
क्या कहते हैं प्रबंधक
साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल निर्माण तेजी से चल रहा है. अब तक लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. साहिबगंज जीरो माइल से फोरलेन सड़क और टनल निर्माण को लेकर डीपीआर बनाने वाली कंपनी को स्वीकृति मिल चुकी है. मार्च 2027 से टनल और फोरलेन का कार्य शुरू होने की संभावना है.
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