लोक अदालत न्याय व्यवस्था को बनाता है सरल व सुलभ : पीडीजे

आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 9830 मामले निष्पादित

साहिबगंज जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज और अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति, राजमहल ने शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया. राष्ट्रीय लोक अदालत में साहिबगंज न्यायमंडल और राजमहल न्याय मंडल के कुल 9830 मामलों का निबटारा करके 1682067855/- रुपये का समझौता हुआ. इसका ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड के सभी जिलों में झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, झारखंड हाइकोर्ट सह कार्यकारी अध्यक्ष ने रांची से किया. उद्घाटन के उपरांत पीडीजे सह डालसा अध्यक्ष अखिल कुमार ने विभिन्न बेंचों का अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को अधिक सरल, सुलभ बनाता है. कहा कि आपसी सहमति के आधार पर मामलों के समाधान से न केवल न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आती है, बल्कि पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण भी कायम रहता है. कहा कि लोक अदालत के माध्यम से छोटे-बड़े विभिन्न प्रकार के मामलों का त्वरित निष्पादन संभव हो पाता है. लोगों को अनावश्यक भागदौड़ और खर्च से राहत मिलती है. उन्होंने उपस्थित पक्षकारों से अपील की कि वे लोक अदालत की उपयोगिता को समझते हुए अधिकाधिक लाभ उठाएं. मौके पर प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय संजय कुमार उपाध्याय, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रथम गुलाम हैदर, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधु नाथ लामाये, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक प्रसाद, डालसा के सचिव विश्वनाथ भगत, सिविल जज आलोक मरांडी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी तुषार आनंद, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी राहुल कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रिचेश कुमार, स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रेम नाथ तिवारी, चीफ लीगल एंड डिफेंस कौंसिल अरविन्द गोयल आदि थे.

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