मनरेगा में खर्च होंगे 101 करोड़
जिला कोर्डिनेशन की बैठक में डीडीसी ने ली पदाधिकारियों की क्लास
मनरेगा में जिले को दूसरे स्थान मिलने पर बीडीओ ने जताया हर्ष
साहिबगंज : सभी बीडीओ व सीओ अपने कार्य के प्रति जिम्मेवार नहीं है. ये बातें डीडीसी प्रेमकांत झा ने बुधवार को विकास भवन में आयोजित जिला कॉर्डिनेशन की बैठक की हुई. श्री झा ने डीसी के नहीं रहने के कारण बैठक की अध्यक्षता की. मनरेगा में साहिबगंज जिला में दूसरा स्थान मिलने पर सभी बीडीओ ने बताया कि थोड़ा सा और जोर लगा देते तो पूरे राज्य में जिला टॉप होता है. बरहरवा में 238 गांव में महज 91 योजना ली गयी.
इसी प्रकार मंडरो प्रखंड में 288 गांव में कम योजना लिया गया. प्रत्येक गांव में कम से कम एक योजना लिया जाना है. इस वर्ष 2016-17 में साहिबगंज जिले के लिए 101 करोड़ का बजट दिया गया है. इसमें सभी बीडीओ को ज्यादा से ज्यादा योजनाओं को चयन करना है. इसके बाद समीक्षा बैठक में डीडीसी ने कहा कि मनरेगा मजदूरों का भुगतान अब बैंकों से सीधे किया जाना है. इसलिए सौ फीसदी मजदूरों का पासबुक पोस्ट ऑफिस से बैंकों में खोला जाना था. लेकिन इस दिशा में भी अच्छी काम नहीं हुआ है. बरहेट प्रखंड में 11769 खाता में महज 50 खाता ही बैंक में खुल पाया है.
बैठक में मौजूद मनरेगा आयुक्त अब्दुस सुभान ने बताया कि पोस्ट ऑफिस में गड़बड़ी हुई है. बैंक मजदूरों का खाता खोलने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है. इस पर एलडीएम एस वर्मा ने उनकी बातों से असहमति जताते हुए कहा कि ऐसा नहीं है बैंकों ने बहुत खाते खोले हैं. अपने एमआइएस नहीं करवाया. इस कारण वो खाते दिख नहीं रहे हैं.
इसके बाद डीडीसी ने इंदिरा आवास की समीक्षा करते हुए मंडरो बीडीओ के बारे में कहा कि यह तो लाइलाज बीमारी है. पता नहीं कब तक ठीक हो पायेगा. बैठक में डीडीसी प्रेमकांत झा, डीआरडीए निदेशक श्रीपति गिरि, मेसो पदाधिकारी बबलू मुर्मू, एलडीएम सुधांशु शेखर वर्मा, लोकायुक्त अब्दुस सुभान सहित सभी प्रखंडों के बीडीओ व बीपीओ, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता उपस्थित हुए.
