व्यवसाय पर लग रहा ग्रहण
साहिबगंज में गंगा का जो रूप मुहाने पर देखने को मिला है वह दिल खुश कर देने वाला है. साहिबगंज शहरी घाटों में गंगा का किनारा बेहद गंदा हो गया है. नालों से निकलने वाले गंदे पानी, कूड़ों कचरों ने गंगा जल को गंदा तो किया ही इसके तल को भी खराब कर दिया है.
साहिबगंज : रामपुर के पास साहिबगंज की गंगा का मुहाना है. जो पूरी तरह बंद हो गया है. यहां करीब तीन किलोमीटर तक भारी मात्रा में बालू व मिट्टी पानी के ऊपर आ गये हैं जो एक टापू का रूप ले लिया है. यदि इस मुहाने को खोल दिया जाय तो साहिबगंज में गंगा जल भी रामपुर की तरह निर्मल मिलेगा. लेकिन अब तक किसी ने पहल नहीं की. गंगा प्रवाह यात्रा नामक एक संगठन ने इस मुहाने को खोलने का बीड़ा उठाया है.
इस संगठन में शहर के बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार सहित दर्जनों लोग शामिल हैं. गंगा प्रवाह यात्रा के आनंद मोदी बताया कि अब तक गंगा का उपयोग लोग करते रहे. किसी ने इसके दर्द को नहीं समझा. कैसे गंगा बचेगी इसके बारे में कोई पहल नहीं हुई. एक-एक लोग यदि ठान ले तो गंगा का जो रूप आज से 50 साल पहले था उसी रूप में फिर गंगा आ सकती है.
क्या कहते हैं साचेका के अध्यक्ष
साहिबगंज चेंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष प्रदीप कुमार कहते हैं कि गंगा का मुहाना बंद होने से गंगा का प्रवाह रूक गया है. जलस्तर में भारी कमी हो गयी है. जिसका प्रभार किसानों, नाविको, मछुआरो के अलावे छोटे व बड़े व्यवसायिक वर्गों पर पड़ा है.
क्या कहते हैं साहिबगंज गंगा प्रवाह यात्रा के सदस्य :
नव गठित साहिबगंज गंगा प्रवाह यात्रा के सदस्य सह भाजयुमो के प्रदेश प्रवक्ता आनंद मोदी ने कहा कि अगर समय रहते रामपुर स्थित गंगा का मुहाना नहीं खोला गया तो साहिबगंज से सकरीगली तक गंगा विलुप्त हो जायेगी. इसके विलुप्त हो जाने से हजारों किसानों, नाविकों, जलीय, जीव सहित शहर के लोगों को काफी नुकसान होगा.
