साहिबगंज : अपरिहार्य कारणों से 11 दिसंबर को होने वाली बालू घाटों की नीलामी जिला प्रशासन ने स्थगित कर दी है. इसकी जानकारी डीसी ए मुथु कुमार ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने कहा कि जिले में 16 घाटों की नीलामी होनी है. अगली तिथि अभी घोषित नहीं की गयी है.
इधर, जिला खनन पदाधिकारी अशोक रजक ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया को लेकर जिला खनन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. खनन विभाग ने नीलामी की तिथि, दर व प्रक्रिया से संबंधित जानकारियां कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चिपका दिया था. सरकार व डीसी के निर्देश के बाद ही नयी तिथि की घोषणा की जायेगी.
उन्होंने कहा कि बालू घाट पर उत्खनन के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस लेना जरूरी होगा. सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी प्रकार के खनन के लिए पर्यावरण क्लीयरिंग आवश्यक है. वही बंदोबस्ती के बाद नियम व प्रावधान की मॉनिटरिंग खनन विभाग करेगा और नीलामी में स्थानीय ठेकेदारों के अलावा बाहरी कंपनियों को भी हिस्सा लेने की इजाजत होगी.
1.74 करोड़ का मिलेगा राजस्व
जिला में 16 बालू घाट की न्यूनतम नीलाम दर से 1.74 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा. इससे पहले राजस्व में इतना बड़ा रकम नहीं मिलता था. इधर, सरकार के गंठबंधन पार्टी की ओर से आरोप प्रत्यारोप के बीच राज्य सरकार ने 25 अक्तूबर को बालू घाटों की नीलामी पर तत्काल रोक लगा दी थी.
किन किन घाटों की होनी थी नीलामी : जिले के तीन प्रखंडों से होकर गुजरने वाली गुमानी नदी के इलाकों में बरहरवा प्रखंड के रूपसपुर, हरिहरा, श्रीकुंड, मधुवापाड़ा, अगलोई, विशनपुर, हस्तिपाड़ा, आमगाछी, पतना प्रंखड के केंदुआ, शिवपहाड़, मोदीकोला, बरहेट प्रखंड के कदमा, गोपलाडीह, बरहेट दक्षिण, पंचकठिया,खैरवा, कुसमा पंचायत के रकवा में नीलामी होनी थी.
