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अवैध लकड़ी तस्करी का सेफ जोन बना बरहरवा, लकड़ी से भरा ट्रक पलटा – ट्रक में लोड था 70 सिल्ली लकड़ी- डेढ़ लाख से ऊपर है इसकी कीमत- जंगलों को लीलने पर आमदा हैं माफिया————10 दिसंबरफोटो संख्या-02-बरहरवा से जा रहा है.कैप्सन-लकड़ी से लदा पलटा शक्तिमान ट्रक.प्रतिनिधि, बरहरवाथाना क्षेत्र के केंचुआ पुल के समीप अवैध लकड़ी […]

अवैध लकड़ी तस्करी का सेफ जोन बना बरहरवा, लकड़ी से भरा ट्रक पलटा – ट्रक में लोड था 70 सिल्ली लकड़ी- डेढ़ लाख से ऊपर है इसकी कीमत- जंगलों को लीलने पर आमदा हैं माफिया————10 दिसंबरफोटो संख्या-02-बरहरवा से जा रहा है.कैप्सन-लकड़ी से लदा पलटा शक्तिमान ट्रक.प्रतिनिधि, बरहरवाथाना क्षेत्र के केंचुआ पुल के समीप अवैध लकड़ी की सिल्ली से भरा एक शक्तिमान ट्रक पल्टी खा गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रांगा थाना क्षेत्र के विभिन्न पहाड़ों से लकड़ी माफिया अवैध तरीके से लकड़ी काट कर पाकुड़-बरहरवा पथ के बरहरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत लबदा व केंचुआ नाला होते हुए गुमानी के एक आरा मशीन में ले जाया जा रहा था. इसी दौरान केंचुआ नाला के समीप रास्ता संकरा होने के कारण ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी खेत में पलट गया. घटना के बाद मौके से ट्रक ड्राइवर फरार हो गया. पल्टी खाये ट्रक में करीब 60-70 पीस सिल्ली है. आस-पास के ग्रामीणों ने बरहरवा थाना पुलिस को सूचना दी. सूचना देने के घंटों बाद बरहरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एक चौकीदार को मौके पर लकड़ी की रखवाली के लिये रख दिया.गाड़ी का स्पष्ट नहीं है नंबरपल्टी खाये शक्तिमान ट्रक में नंबर भी स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है. ट्रक के सामने वाले नं0 प्लेट डीआइएस042 ही नजर आ रहा है. जबकि नियमानुसार ट्रक के आगे पीछे व साइड में स्पष्ट रूप से नंबर दिखना चाहिए. गाड़ी की हाल देखकर पता चलता है कि यह गाड़ी पूर्णरूप से लकड़ी तस्करी के लिये ही रखा गया है. इसमें भी पुलिस की नजर नहीं है.आये दिन होती है लकड़ी की तस्करीरांगा थाना क्षेत्र के विभिन्न जंगलों व पहाड़ों से लकड़ी माफिया वन विभाग व स्थानीय थाना पुलिस के मिली भगत से वृक्षों की कटाई धड़ल्ले से की जाती है. जहां उसे सिल्ली बनाकर गाड़ी में लोड कर बरहरवा थाना क्षेत्र के एक आरा मशीन व गुमानी के दो आरा मिल में लकड़ी की अवैध सिल्ली बेची जाती है. इस काम में वन विभाग व स्थानीय थाना पुलिस मूकदर्शक बनी रहती है. अवैध कारोबार का धंधा थाना क्षेत्रों में धड़ल्ले से फल-फुल रहा है. लेकिन कार्रवाई के नाम पर अभी तक कुछ भी नहीं हुआ है. तथाकथित वन विभाग व स्थानीय थाना पुलिस को प्रति गाड़ी एक मोटी रकम चढ़ावा के रूप में मिलता है.अंधाधुंध हो रही है वृक्षों की कटाईपतना क्षेत्र में स्थित पहाड़ों पर कीमती वृक्षों की कटाई अंधाधुंध की जा रही है. करीब एक वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएफओ सुशील सोरेन के निर्देश पर पतना रेंजर द्वारा छापेमारी की गयी थी. जिसमें भारी मात्रा में कीमती अवैध लकड़ी की सिल्ली बरामद की गयी थी. जिसमें कुछ लकड़ी तस्करों का नाम सामने आया था. लेकिन बाद में यह मामला ठंडा पड़ गया. वन विभाग व स्थानीय थाना पुलिस अगर सक्रिय हो जाय तो एक भी वृक्ष काटना संभव नहीं है.गंगा के रास्ते से भी होती है तस्करीइलाके में लकड़ी माफिया इतने सक्रिय हैं कि गंगा रास्ते से भी लकड़ियों की तस्करी में उन्हें तनिक भी झिझक नहीं होती है. जंगलों से लकड़ी कटवा कर उसे गंगा के रास्ते नांव व एलसीटी से बंगाल, बिहार भेजा जाता है. बंगलादेश में यहां की लकड़ियों की जबरदस्त डिमांड है. इसमें माफिया मोटी रकम कमाते हैं.क्या कहते हैं डीएफओडीएफओ केके तिवारी ने बताया कि लकड़ी तस्करी की सूचना मिली है. वन विभाग के कर्मचारियों को भेजा गया है. जिसे जब्त कर आगे की कार्रवाई की जायेगी.क्या कहते हैं एसपीएसपी सुनील भास्कर ने बताया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.

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