क्षतिग्रस्त छात्रावास में रहने को विवश हैं छात्राएं

बोरियो : बोरियो प्रखंड राजकीय अनुसूचित जनजातिय आवासीय बालिका उच्च विद्यालय बंदरकोला के मीरा बाई छात्रावास का हाल अत्यंत ही दयनीय है. जिसमें रह रहे छात्रा डर के साये में जीने को मजबूर है. 16 कमरों में 248 छात्रा को कष्ट में रहने को बेबश हैं. छात्रा सलोनी मालतो, शांति मालतो, रोजी मालतो, कोली मालतो, […]

बोरियो : बोरियो प्रखंड राजकीय अनुसूचित जनजातिय आवासीय बालिका उच्च विद्यालय बंदरकोला के मीरा बाई छात्रावास का हाल अत्यंत ही दयनीय है. जिसमें रह रहे छात्रा डर के साये में जीने को मजबूर है.
16 कमरों में 248 छात्रा को कष्ट में रहने को बेबश हैं. छात्रा सलोनी मालतो, शांति मालतो, रोजी मालतो, कोली मालतो, रूबी मालतो, चांदी मालतो, प्रावृति मालतो ने बताया कि छात्रावास वर्तमान में पूरी तरह जर्जर है. नये भवन बनने के बावजूद भी कई वर्षों से हम लोग यही रहकर भयमुक्त जीवन यापन कर रहे हैं. शाैच के लिए पहाड़ की तलहटी में जाना हाेता है, जहां जंगल से जानवरों का डर बना रहता है. छात्रावास में पानी, बिजली सहित अन्य सारी समस्या है बावजूद विवश हो कर रातें गुजारनी पड़ती है. जानकारी के अनुसार 2008-09 से बन रहे छात्रावास का कार्य विगत पांच वर्षों से अधूरा है. विद्यालय में वर्ग प्रथम में 30, द्वितीय में 20, तृतीय में 19, चतुर्थ में 13, पंचम में 16, षष्ठ में 18, सप्तम में 41, अष्टम में 23, नवम में 34, दशम में 26 बच्चे नामांकित हैं. सभी बच्चे छात्रावास में रहकर पढ़ाई पूरी कर रही है.
क्या कहते हैं प्राचार्य
प्राचार्य रवींद्र कुमार निकुंज ने बताया कि एक सौ कमरा वाला छात्रावास व पचास कमरा अभी तक विद्यालय को सौंपा नहीं गया है. इस कारण छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस ओर ध्यान आकृष्ट करते हुये डिपटी राइटर पहाड़िया कल्याण पदाधिकारी साहिबगंज व बोरियो बीडीओ इस संदर्भ में अवगत कराया है.

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